ध्यान का निरंतर अभ्यास करें : स्वामी निर्मलानंद
रांची में रामकृष्ण मिशन आश्रम में विश्व ध्यान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में ध्यान के महत्व पर चर्चा की गई और ध्यान का अभ्यास कराया गया। डॉ निशांत विभाष ने ध्यान के वैज्ञानिक लाभ बताए। लगभग 175 लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया और सामूहिक ध्यान किया।

रांची, संवाददाता। रामकृष्ण मिशन आश्रम के सभागार में आश्रम एवं इंडियन योग एसोसिएशन, झारखंड के संयुक्त के द्वारा विश्व ध्यान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय समग्र स्वास्थ्य एवं समृद्धि के लिए दैनिक जीवन में ध्यान का अभ्यास रहा। स्वामी विवेकानंद का दिया गया स्वदेश मंत्र पाठ अनमोल कुमार एवं ध्यान पर आधारित वाणी पाठ योग प्रशिक्षक अंजन कुमार ने किया आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानन्द ने ध्यान की जरूरत के विषय में बताया एवं ध्यान का अभ्यास भी करवाया। उन्होंने कहा कि हमेशा मन में भगवान का नाम एवं हाथ से काम करना चाहिए।
रांची के न्यूरो साइकैट्रिस्ट डॉ निशांत विभाष ने विज्ञान की दृष्टिकोण से ध्यान का शरीर एवं मन पर होने वाले प्रभाव की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने कहा कि ध्यान के निरंतर अभ्यास से ब्रेन के अमेगदला का हिस्सा छोटा हो जाता है, जो कि नकारात्मकता से जुड़ा हुआ है। ध्यान से ऑर्बिटो फ्रंटल कोर्टेक्स के न्यूरॉन की संख्या बढ़ जाती है, जो कि निर्णय लेने की क्षमता एवं अनुशासन से जुड़ा हुआ है। महर्षि मेंही आश्रम के आचार्य स्वामी निर्मलानंद ने कहा कि आप सब ध्यान का निरन्तर अभ्यास कीजिए। लगभग 175 प्रतिभागियों ने ध्यान के विषय में जानकारी लिया एवं ध्यान का सामूहिक अभ्यास किया।
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