
पानी की समस्या को लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
सिल्ली प्रखंड के तिरला ग्राम में पेयजल संकट गंभीर हो गया है। स्थानीय महिलाओं ने बीडीओ के नाम ज्ञापन सौंपकर जलापूर्ति की मांग की है। पिछले तीन महीनों से जलमीनार खराब हैं, जिससे 70 घरों में पानी की किल्लत है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण ग्रामीण तालाब का पानी उपयोग करने को मजबूर हैं।
सिल्ली, प्रतिनिधि। सिल्ली प्रखंड के मुरी पश्चिमी पंचायत अंतर्गत तिरला ग्राम के महली टोला में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। इसी समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने सोमवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बीडीओ के नाम पंचायत सेवक को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द से जल्द पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि इलाके में लगे दो जलमीनार पिछले तीन महीनों से खराब पड़े हैं, जिसके कारण लगभग 70 घर पानी के लिए तरस रहे हैं। आरोप है कि मरम्मत कार्य शुरू करने की कोशिश की गई थी, लेकिन जिस जमीन पर जलमीनार स्थापित है, उसके मालिक ने विरोध जताते हुए मरम्मत रुकवा दी।
इससे जलापूर्ति का पूरा सिस्टम ठप है और लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं: ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर वे कई बार स्थानीय मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं। यहां तक कि जनता दरबार में भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। पेयजल के अभाव में ग्रामीण तालाब का पानी उपयोग करने को मजबूर हैं, जिससे कई लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। जलमीनार शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू : बाडाईक इस संबंध में मुखिया प्रतिनिधि एवं पूर्व मुखिया संबद बाडाईक ने कहा कि जमीन विवाद के कारण जलमीनार की मरम्मत संभव नहीं हो पा रही है। इसलिए जलमीनार को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इधर, ग्रामीण महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। बढ़ती समस्या और प्रशासनिक उदासीनता के बीच महली टोला के लोग अब तत्काल राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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