DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इस साल से 125 हाई स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा, सात ट्रेड की होगी पढ़ाई

नए सत्र से राज्य के 125 माध्यमिक स्कूलों (हाई) में व्यावसायिक शिक्ष (वोकेशनल कोर्स) शुरू किए जा रहे हैं। स्कूली शिक्षा को प्रोत्साहित करने और छात्र-छात्राओं को रोजगारपरक शिक्षा देने के उद्देश्य से स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 2015-16 में राज्य के मात्र 53 प्लस टू स्कूलों में वोकेशनल कोर्स की शुरुआत की गयी थी। इसकी बढ़ती रुचि को देखते हुए वर्ष 2016-17 में राज्य के 125 माध्यमिक स्कूलों वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई शुरू करायी गयी। तत्कालीन शिक्षा निदेशक मनीष रंजन की पहल पर स्कूलों में वोकेशनल कोर्स की शुरुआत की गयी थी। अब इस साल भी राज्य के 125 स्कूलों को इसके लिए चुना गया है।
इन ट्रेडों की होती है पढ़ाई
आईटी/आई टेस (डोमेस्टिक आईटी हेल्पडेस्क अटेंडेंट), मीडिया एंड एंटरटेनमेंट (एनीमेटर), हेल्थ केयर (जेनरल ट्यूटी असिस्टेंट), टू एंड ट्रेवेल्स (टू एस्कॉर्ट), सिक्यूरिटी (अनार्म्ड सिक्यूरिटी गार्ड), ब्यूटी एंड वेलनेस (ब्यूटी थेरेपिस्ट) तथा रिटेल ( सेल्स एसोसिएट) की पढ़ाई स्कूलों में शुरू की गयी है। इन ट्रेडों का चयन औद्योगिक घरानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है।
ठहराव का केंद्र बन रहा आवासीय विद्यालय
राज्य के वैसे सभी 57 प्रखंडों में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की स्थापनी की गयी है, जहां कस्तूरबा आवासीय विद्यालय नहीं है। लड़कियों को ध्यान में रखकर खोले गए इन स्कूलों में छात्राओं के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है। इसका लाभ छात्राओं के साथ-साथ सरकार को भी मिल रहा है। छात्राओं को जहां इन स्कूलों के कारण ठहराव मिल रहा है, वहीं सरकार को भी ड्रॉपआउट रोकने में काफी मदद मिल रही है।

पुराने और अव्यावहारिक वोकेशनल कोर्सों पर रोक लगी दी गयी है। सभी स्कूलों में अब रोजपरक कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इसके लिए सात कोर्स का चयन किया गया है। इन्हीं कोर्सों में विद्यार्थियों को दाखिला दिलाने को कहा गया है।
आराधना पटनायक, सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Vocational Education in 125 High Schools From This Year