ग्रामीणों ने श्रमदान कर बनई नदी में बनाया अस्थायी डायवर्सन
खूंटी-तोरपा पथ पर पेलोल पुल के गिरने के ढाई महीने बाद भी प्रशासन ने डायवर्सन नहीं बनाया। इससे नाराज ग्रामीणों ने श्रमदान कर अस्थायी डायवर्सन की मरम्मती की। उन्होंने सरकार से नए पुल के निर्माण की मांग...

खूंटी, संवाददाता। खूंटी-तोरपा पथ पर बनई नदी स्थित पेलोल पुल के क्षतिग्रस्त होकर गिरने के ढाई महीने बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से डायवर्सन निर्माण नहीं किया गया। इससे नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को श्रमदान कर अस्थायी डायवर्सन की मरम्मती की। सुबह पेलोल, सारीदकेल, बिचना, गम्हरिया, पांडु, अंगराबारी, कुंजला सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण मौके पर जुटे और सामूहिक प्रयास से पत्थर, मिट्टी व बालू डालकर डायवर्सन को चलने योग्य बनाया। ग्रामीणों ने कहा कि पुल ध्वस्त होने के बाद से आमजन, विशेषकर स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही थी। प्रशासन की उदासीनता के कारण उन्हें मजबूरन स्वयं ही यह जिम्मेदारी उठानी पड़ी।
ग्रामीणों ने सरकार से जल्द नए पुल के निर्माण की मांग की। उनका कहना था कि लंबे समय तक अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर रहना सुरक्षित नहीं है। श्रमदान में शामिल ग्रामीणों में शिव शंकर तिड़ू, लक्ष्मण महतो, राम महतो, जकरियस तिड़ू, दुर्गा स्वांसी, जगन्नाथ मुंडा, राजेश बोदरा, विशाल कंडुलना, बिरसा तिड़ू, मोहित तिड़ू, मुकेश साहू, रवि महतो, अभिषेक तिड़ू, मुकेश महतो, बंटी सिंह, किष्ठो महतो और संतोष सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। डायवर्सन निर्माण कार्य में ग्रामीणों के साथ झामुमो के जिला उपाध्यक्ष मगन मंजीत तिड़ू, नंदराम मुंडा, महेंद्र सिंह मुंडा, सोमा तिड़ू, विजय संगा, जॉनसन होरो, चार्ल्स पहान और विक्की श्रीवास्तव सहित कई कार्यकर्ता भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र स्थायी पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन का सहारा लेंगे।
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