
मुरहू के ओतोंगओड़ा समेत सात टोलों में श्रमदान कर बनाए छह बोरीबांध
मुरहू प्रखंड के कुदा पंचायत के ग्रामीणों ने अफीम की खेती छोड़कर रबी फसल और सब्जी की खेती करने का निर्णय लिया है। जल संचयन के लिए सामूहिक श्रमदान से छह बोरीबांध का निर्माण किया गया। मुखिया अमर मुंडू ने कहा कि इससे सिंचाई में मदद मिलेगी और ग्रामीण कृषि विज्ञान केंद्र से तकनीकी सहायता लेंगे।
मुरहू, प्रतिनिधि। मुरहू प्रखंड के क़ुदा पंचायत अंतर्गत ओतोंगओड़ा और उसके सातों टोलों के ग्रामीणों ने इस वर्ष अफीम की खेती पूरी तरह छोड़ने का निर्णय लिया है। ग्रामीण अब अफीम की जगह रबी फसल और सब्जी की खेती करेंगे। इसके लिए उन्होंने जल संचयन को पहला कदम मानते हुए सामूहिक श्रमदान के जरिये बुधवार को छह बोरीबांध का निर्माण किया। बुधवार को ग्रामीणों ने श्रमदान कर ओतोंगओड़ा, रूईटोला, सिदोम जिलाद, निलीगुदा, बन्दा लोर, केड़ा चप्पी डोभा, रंगरूड़ी और हतनादिकिर में बोरीबांध का निर्माण किया। मौके पर कुदा पंचायत के मुखिया अमर मुंडू ने कहा कि बोरीबांध बनने के बाद गांव के नालों में पानी लबालब भर गया, जिससे रबी फसल की सिंचाई की राह खुल गई।
उन्होंने कहा कि जल संचयन के बाद ग्रामीण अब रबी फसलों और सब्जियों की खेती शुरू करने की तैयारी में हैं। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र, तोरपा के वैज्ञानिकों से तकनीकी सलाह व प्रशिक्षण लेने और कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन दिया जाएगा। प्रशासन थोड़ी भी मदद करती है, तो हम गांव के बड़ा बदलाव लाएंगे। श्रमदान कार्यक्रम में सेवा वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष अजय शर्मा, मुखिया अमर मुंडू, ग्रामप्रधान अरविंद मुंडा, सामुएल पुर्ती, दुर्गन हस्सा, हारूण पुर्ती, जेक पुर्ती, विमल पुर्ती, तुनुर पुर्ती, गोडविन पुर्ती, आनंदमसीह पुर्ती, बुधराम पुर्ती, सोमा पुर्ती, जीदन पुर्ती, सुलेमान पुर्ती, विलशन पुर्ती, भैरो पुर्ती, सिलास पुर्ती, नियारण पुर्ती, याकूब पुर्ती समेत सातों टोलों के ग्रामीण शामिल हुए।

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