सनातन, सरना और आदिवासी में कोई भेद नहीं : विवेक
कांके में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन -संथाल-सनातन एक मूल के हैं -विवेक सिंह

कांके, प्रतिनिधि। कांके चौक के निकट रविवार को सकल हिंदू समाज से आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में धर्म प्रचारक विवेक सिंह ने कहा कि सनातन, सरना और आदिवासी परंपराएं एक ही सांस्कृतिक धारा की वाहक हैं और इनमें कोई भेद नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी समुदाय प्रकृति, देवी-देवताओं और पूर्वजों की पूजा करते हैं। साथ ही समाज को एकजुट रहने और विभिन्न सामाजिक चुनौतियों के प्रति सजग रहने की बात कही। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत पर्यावरण प्रमुख महेंद्र कुमार ने संघ की स्थापना और राष्ट्र निर्माण में कार्यकर्ताओं के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व आधारित जीवन और नागरिक कर्तव्य बोध को अपनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षु आईपीएस साक्षी जमुआर ने धर्म का उपयोग समाज को जोड़ने के लिए करने तथा नशे से दूर रहने की अपील की। स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी ने जनजातीय क्षेत्रों में प्राचीन धार्मिक परंपराओं का उल्लेख किया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र देकर किया गया। धन्यवाद ज्ञापन सोमा उरांव ने किया, जबकि संचालन रमेश साहू ने किया। संयोजक अर्जुन राम ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी को बधाई दी। इस अवसर पर शिक्षा, समाजसेवा और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले लगभग एक दर्जन लोगों को सम्मानित भी किया गया।
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