चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से वासंतिक नवरात्र और नव संवत 2083 का आगाज आज, तैयारियां पूरी
रांची में वासंतिक नवरात्र का उत्सव गुरुवार से शुरू होगा। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से विक्रम संवत नववर्ष 2083 की शुरुआत होगी। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। पंडालों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, और विभिन्न अनुष्ठान आयोजित होंगे।

रांची, वरीय संवाददाता। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार से वासंतिक नवरात्र का उल्लास शुरू हो जाएगा। इसी के साथ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से विक्रम संवत नववर्ष 2083 का भी शुभारंभ होगा। इस अवसर पर घरों से लेकर मंदिरों तक विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। नौ दिनों तक साधक मां दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों की आराधना करेंगे। इस बार नवरात्र पूरे नौ दिनों का है, जिसमें चैती छठ पूजा और महारामनवमी महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को कलश स्थापना और वेदी पूजन के साथ प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा होगी। शहर के विभिन्न हिस्सों में चैती दुर्गा पूजा पंडालों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
पंडित रामदेव पाण्डेय के अनुसार, 19 मार्च (गुरुवार) को प्रतिपदा तिथि सुबह 6:40 बजे से अगले दिन सुबह 5:40 बजे तक रहेगी। कलश स्थापना के लिए सुबह 06:52 से 07:48 तक का समय श्रेष्ठ है। इसके अतिरिक्त दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक का अभिजीत मुहूर्त भी कलश स्थापना के लिए अत्यंत श्रेयस्कर रहेगा। नवरात्र के इसी क्रम में 22 मार्च से चैती छठ का अनुष्ठान शुरू होगा, जो 25 मार्च को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। वहीं, 27 मार्च को शहर भर में महारामनवमी की मुख्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और 28 मार्च को प्रतिमा विसर्जन के साथ विजयादशमी मनाई जाएगी।चुटिया में दुर्गा पूजा सह शतचंडी महायज्ञचुटिया स्थित प्राचीन श्री राम मंदिर में चैत्र दुर्गा पूजा सह शतचंडी महायज्ञ का भव्य आयोजन गुरुवार से शुरू हो रहा है। मंदिर के गुंबज और प्रांगण को फूलों व बिजली की लड़ियों से आकर्षक रूप से सजाया गया है। आयोजन समिति के संयोजक और पूर्व पार्षद विजय कुमार साहू ने बताया कि प्रथम दिन सुबह 7 बजे कलश स्थापना, नवग्रह पूजन और ध्वजारोहण किया जाएगा। मुख्य यजमान सहित 31 श्रद्धालु नौ दिनों तक पूजन में भाग लेंगे। पुरोहित भूषण पाण्डेय एवं दीपक पाण्डेय के सानिध्य में पांच विद्वान पंडित प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सस्वर शतचंडी पाठ करेंगे। प्रत्येक शाम 7:30 बजे महाआरती और प्रसाद वितरण होगा।शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उत्साहचुटिया के अलावा भुताहा तालाब स्थित चैती दुर्गा पूजा समिति, श्री डोरंडा चैती दुर्गा पूजा समिति, मोरहाबादी स्थित श्री श्री 1008 श्री ब्यास जी यज्ञा बाबा आश्रम दुर्गा मंदिर और हटिया स्थित बंगीय विद्यालय सेक्टर-दो सहित कई स्थानों पर दुर्गा पूजा महोत्सव के रूप में मनाई जाएगी। सभी समितियों द्वारा पंडाल निर्माण और लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की जा रही है।वासंतिक नवरात्र: प्रमुख तिथियां और अनुष्ठान19 मार्च: प्रतिपदा- कलश स्थापना, मां शैलपुत्री पूजा एवं विक्रम संवत 2083 का प्रारंभ20 मार्च: द्वितीया - मां ब्रह्मचारिणी पूजा21 मार्च: तृतीया - मां चंद्रघंटा पूजा22 मार्च: चतुर्थी - मां कुष्मांडा पूजा एवं चैती छठ (नहाय-खाय)23 मार्च: पंचमी - मां स्कंदमाता पूजा एवं चैती छठ (खरना)24 मार्च: षष्ठी - मां कात्यायनी पूजा एवं चैती छठ (सायंकालीन अर्घ्य)25 मार्च: सप्तमी - मां कालरात्रि पूजा एवं चैती छठ (प्रातःकालीन अर्घ्य)26 मार्च: अष्टमी - मां महागौरी पूजा27 मार्च: नवमी - मां सिद्धिदात्री पूजा, रामनवमी महोत्सव, कन्या पूजन एवं ध्वज दान28 मार्च: दशमी - विजयादशमी एवं प्रतिमा विसर्जन
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