
एकीकृत अवकाश तालिका के विरोध में उतरा शिक्षक संघ
झारखंड राज्य उर्दू शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा जारी वार्षिक अवकाश तालिका-2026 पर रोष व्यक्त किया गया। सदस्यों ने कहा कि अवकाश तालिका में उर्दू शिक्षकों की आवश्यकताओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संघ ने मांग की कि ईद, बकरीद और मुहर्रम के लिए उचित अवकाश निर्धारित किया जाए।
रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड राज्य उर्दू शिक्षक संघ केंद्रीय कमेटी की एक आपात बैठक बुधवार को केंद्रीय महासचिव अमीन अहमद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। ठक में राज्यभर से आए प्रतिनिधियों ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी एकीकृत वार्षिक अवकाश तालिका-2026 पर रोष व्यक्त करते हुए विरोध किया। सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अवकाश तालिका में उर्दू शिक्षकों और विद्यालयों की आवश्यकताओं को नजरअंदाज करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि विभाग ने इसमें शीघ्र सुधार नहीं किया, तो संघ इस तालिका को स्वीकार नहीं करेगा और आंदोलन के लिए बाध्य होगा। केंद्रीय महासचिव अमीन अहमद ने कहा कि जेसीईआरटी द्वारा पूर्व में यह निर्णय लिया गया था कि वर्ष 2025 से राज्य के संसूचित उर्दू विद्यालयों एवं सामान्य विद्यालयों के लिए पृथक-पृथक (अलग-अलग) अवकाश तालिका प्रकाशित की जाएगी।
इसके बावजूद वर्ष 2026 की तालिका में इस निर्णय का अनुपालन नहीं किया गया। शब-ए-बरात, अलविदा जुम्मा (रमजान का अंतिम शुक्रवार) और चेहल्लुम जैसे महत्वपूर्ण पर्वों को स्थानीय अवकाश की श्रेणी में रखना पूरी तरह अनुचित है। मांग की कि जिस प्रकार दुर्गा पूजा के लिए विस्तृत अवकाश दिया जाता है, उसी तर्ज पर उर्दू विद्यालयों में ईद और बकरीद के लिए न्यूनतम तीन-तीन दिन तथा मुहर्रम के लिए दो दिनों का अवकाश निर्धारित किया जाए। इसके अलावा, संघ ने यह भी मांग रखी कि सामान्य विद्यालयों में भी ईद और बकरीद के अवसर पर कम से कम दो-दो दिनों का अवकाश सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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