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इंटर कॉलेजों में सीट निर्धारण के खिलाफ आंदोलन करेंगे वित्तरहित शिक्षक

इंटरमीडिएट कॉलेजों में नामांकन के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से सीट निर्धारण के निर्णय के खिलाफ वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा उग्र...

इंटर कॉलेजों में सीट निर्धारण के खिलाफ आंदोलन करेंगे वित्तरहित शिक्षक
हिन्दुस्तान टीम,रांचीFri, 24 May 2024 09:30 PM
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रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। इंटरमीडिएट कॉलेजों में नामांकन के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से सीट निर्धारण के निर्णय के खिलाफ वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा उग्र आंदोलन करेगा। मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि पिछले वर्ष में निर्धारित सीट जितनी है, उतनी सीट पर संस्थान नामांकन लेंगे, चाहे परिणाम जो हो। छात्रों का भविष्य बर्बाद होने नहीं दिया जाएगा। मोर्चा ने सात जून को अध्यक्ष मंडल की बैठक बुलाई है। इसमें जैक के घेराव करने का निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, राजभवन पर इंटरमीडिएट कॉलेजों में नामांकन के लिए सीट निर्धारण के विरोध में महाधरना पर निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा सीट निर्धारण के लिए मोर्चा उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा। मोर्चा ने सरकार से पूछा है कि इस साल राज्य के 3,78,000 छात्र-छात्रा जो मैट्रिक पास किए हैं इनका नामांकन कहां होगा, क्या यह बच्चे दूसरे राज्य में पलायन करेंगे या उच्च शिक्षा से वंचित हो जाएंगे या पढ़ाई छोड़ देंगे।

मोर्चा के रघुनाथ सिंह व अरिवंद सिंह ने कहा कि विभाग ने इंटर कॉलेज में प्रत्येक संकाय में 384 छात्रों के नामांकन के लिए सीट निर्धारित किया है। सिमडेगा, गुमला, खूंटी, गढ़वा जिला में मात्र एक-एक अंगीभूत कॉलेज हैं। पूरे राज्य में ही कॉलेजों की संख्या बहुत कम है। इंटर कॉलेज इसलिए देहात क्षेत्र में खोले गए ताकि गरीब बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकें। शिक्षा विभाग नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद अब नए इंटर कॉलेज को मान्यता देते समय इंटरमीडिएट कॉलेज नहीं लिखकर प्लस टू स्कूल लिखकर मान्यता दे रहा है।

राज्य सरकार ने कैबिनेट में निर्णय लिया है कि अब इंटरमीडिएट कॉलेज प्लस टू स्कूल कहलाएंगे। अधिकांश इंटर कॉलेजों ने अपने कॉलेज के नाम के आगे प्लस टू स्कूल लिखकर जैक और विभाग को भेज दिया है। जब इंटर कॉलेज प्लस टू स्कूल हो गए हैं और सरकार मान्यता दे रही है और प्लस टू करने का निर्णय ले ली है तो फिर सरकारी प्लस टू स्कूल को असीमित नामांकन और प्लस टू इंटर कॉलेज को 384 सीट क्यों निर्धारित की गई है।

मोर्चा के नेताओं रघुनाथ सिंह, संजय कुमार, नरोत्तम सिंह, गणेश महतो, अरविंद सिंह और मनीष कुमार ने कहा है कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग 30 वर्षों से चल रहे इंटर कॉलेज को बंद करना चाहती है और इंटर कॉलेज का अस्तित्व समाप्त करना चाहती है। इसका विरोध मोर्चा के 10000 शिक्षक कर्मी अंतिम समय तक करेंगे और इस साजिश को सफल नहीं होने देंगे।

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