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रांचीगोद में बच्चा लेकर वैक्सीन सेंटर में ड्यूटी कर रही हैं दो नर्स

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 08:40 PM
गोद में बच्चा लेकर वैक्सीन सेंटर में ड्यूटी कर रही हैं दो नर्स

फोटो नीतीश

कर्तव्यनिष्ठा :::::::::::::::::::::::

बच्चे को साथ लेकर ड्यूटी करने को मजबूर मां, बच्चे के संक्रमित होने का भी डर

रांची। नीतीश कुमार

कोरोना की दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है कि तीसरी लहर की बात कही जा रही है। तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने के खतरे की संभावना जतायी जा चुकी है। इसके बावजूद रांची में दो नर्स रोजाना 25 किलोमीटर का सफर तय कर अपने बच्चे के साथ कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर में ड्यूटी कर रही हैं, साथ में एक मां का दायित्व भी संभाल रही हैं। इनका नाम सपना कुमारी और प्रीति है। सपना की ड्यूटी आईटीआई भवन के वैक्सीनेशन केंद्र में है, वहीं प्रीति हरमू के मारवाड़ी भवन में 18 प्लस वैक्सीनेशन में ड्यूटी कर रही हैं। दोनों अपने बच्चों को साथ लेकर केंद्र पहुंचती हैं। सपना ने बताया कि हम स्वास्थ्य कर्मी हैं और कोरोना के इस दौर में अपने काम से नहीं भाग सकते। साथ ही एक मां भी हैं। बच्चे को देखने वाला कोई नहीं है, इसलिए साथ लेकर आना पड़ता है।

नर्स का कर्तव्य और बच्चे को पालने की जिम्मेदारी दोनों जरूरी

श्री कृष्ण लोक सेवा संस्थान में कोरोना वैक्सीनेशन का काम कर रही सपना कुमारी कहती हैं कि बच्चे को पालना मेरी जिम्मेदारी है। कर्तव्य से नर्स हूं, इसलिए अपने काम को निभाना मेरा फर्ज है। उन्होंने कहा कि मेरे घर पर बच्चे को देखने वाला कोई नहीं है। इसलिए अपने दो साल के बेटे को साथ लेकर ड्यूटी आती हूं। सपना कहती हैं कि पति प्राइवेट जॉब करते हैं। वो अपने काम पर चले जाते हैं। इसलिए बच्चे को साथ लेकर आती हूं। उन्होंने कहा कि यदि काम नहीं करूंगी तो बच्चे के भरण पोषण में दिक्कत होगी। सपना आगे कहती हैं कि महिला कमजोर नहीं होती है। हिम्मत है तो सब आसान हो जाता है। आज दुख काट रही हूं, ताकि बच्चे का भविष्य उज्ज्वल हो।

घर में बच्चे को देखने वाला कोई नहीं

हरमू मारवाड़ी भवन में वैक्सीनेशन का काम कर रही है नर्स प्रीति हर रोज 25 किलोमीटर का सफर तय कर अनगड़ा से रांची आती हैं। प्रीति कहती हैं कि पति आईआरबी के जवान हैं। घर पर बच्चे को देखने वाला कोई नहीं है। मां हूं। अपने बेटे को जन्म दिया है। इसके बेहतर भविष्य के लिए हर रोज ड्यूटी करती हूं, ताकि आगे चलकर मेरा बेटा अच्छा इंसान बने। प्रीति हर रोज अपने दो साल के बच्चे को लेकर ड्यूटी आती है।

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