बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने की जरूरत : उपायुक्त
डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर समाहरणालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। डॉ. अम्बेडकर का जीवन वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। उपायुक्त ने उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

खूंटी, संवाददाता। भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर मंगलवार को समाहरणालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त आर. रॉनिटा, उप विकास आयुक्त आलोक कुमार, परियोजना निदेशक आईटीडीए आलोक शिकारी कच्छप, अनुमंडल पदाधिकारी दिपेश कुमारी सहित अन्य अधिकारियों ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे न केवल संविधान के प्रमुख शिल्पी थे, बल्कि एक महान अर्थशास्त्री, विधिवेता और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने जीवन भर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया और समानता, स्वतंत्रता व बंधुत्व पर आधारित समाज के निर्माण के लिए कार्य किया।वंचित
वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा जीवन:वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर का सम्पूर्ण जीवन वंचित एवं पिछड़े वर्गों को अधिकार दिलाने और समाज में न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने के लिए समर्पित रहा। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की अपील की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मियों ने बाबा साहेब के सिद्धांतों को आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


