धर्मांतरित को आरक्षण से बाहर करने को डीलिस्टिंग बिल जरूरी : मंच

Apr 08, 2025 10:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड जनजाति सुरक्षा मंच ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह को पत्र लिखकर धर्मांतरित लोगों को एसटी सूची से बाहर करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जो जनजातीय लोग अपनी संस्कृति छोड़कर ईसाई या...

धर्मांतरित को आरक्षण से बाहर करने को डीलिस्टिंग बिल जरूरी : मंच

रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड जनजाति सुरक्षा मंच ने धर्मांतरित लोगों को एसटी सूची से बाहर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह से डीलिस्टिंग बिल जल्द सदन में लाने की मांग करते हुए पत्र लिखा है। मांग की है कि देश में जिन जनजाति लोगों ने अपनी प्रथा, संस्कृति, को छोड़ ईसाई या इस्लाम धर्म अपना लिया है, उन्हें एसटी का आरक्षण का लाभ न दिया जाए। पत्र में लिखा है कि झारखंड सरकार के आदेश से 2013 कोई जनजाति आदिवासी महिला किसी दूसरे पुरुष से विवाह करती है तो वह मायके से जाति प्रमाण पत्र बना सकती है। इसके बाद धर्मांतरण हो रहा है। प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी, जमीन, सरकारी योजना, मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद, विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में जनजाति की आरक्षित सीट पर धर्मांतरित लोग काबिज हो रहे हैं। पत्र में कहा है कि जाति प्रमाण पत्र में पिता के साथ पति का नाम अनिवार्य किया जाए। संगठन के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने आदिवासियों की पांचवीं व छठी अनुसूची क्षेत्र को वक्फ संशोधन बिल से बाहर रखने पर आभार भी जताया।

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