उच्च शिक्षण संस्थानों में मनेगा जनजातीय गौरव दिवस
रांची, विशेष संवाददाता। जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में इस दौरान विभिन्न...

रांची, विशेष संवाददाता। जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में जनजातीय गौरव दिवस 15-26 नवंबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा अगले वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को सार्थक बनाने के लिए जनजातीय गौरव दिवस 15 नवंबर 2024 से 15 नवंबर 2025 तक देशभर में मनाया जाएगा। इसके लिए जनजातीय मामलों के मंत्रालय से गतिविधियों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालय, कॉलेजों व अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को जनजातीय गौरव दिवस पर प्रतियोगिताओं, गतिविधियों का आयोजन करने का सुझाव दिया है। साथ ही, इन गतिविधियों को माई भारत पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है। इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों से अनुरोध किया गया है कि जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की भागीदारी को अधिकतम करने और जनजातीय गौरव वर्ष की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जानकारी का प्रचार-प्रसार करें।
जनजातीय गौरव दिवस पर आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों, आदिवासी उपलब्धिकर्ताओं, जनजातीय भाषा और समुदाय पर आधारित- पेंटिंग, कहानी, लेखन, कविता, नृत्य, संगीत, नाटक, नुक्कड़ नाटक, प्रहसन प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जाएगा। रांची विश्वविद्यालय व इसके विभिन्न कॉलेजों से सहित केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय व अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भी जनजातीय गौरव दिवस पर 15 नवंबर को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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