DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   झारखंड  ›  रांची  ›  रिम्स ट्रॉमा सेंटर के तीन डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा, अस्पताल प्रशासन कुछ भी बोलने से बच रहा
रांची

रिम्स ट्रॉमा सेंटर के तीन डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा, अस्पताल प्रशासन कुछ भी बोलने से बच रहा

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Tue, 13 Oct 2020 03:02 AM
रिम्स ट्रॉमा सेंटर के तीन डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा, अस्पताल प्रशासन कुछ भी बोलने से बच रहा

रिम्स ट्रॉमा सेंटर के तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में क्रिटिकल केयर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ़ सैफ, ट्रॉमा रेडियोलॉजी के असिस्स्टेंट प्रोफेसर डॉ़ नवीन कुमार एवं ट्रॉमा मेडिकल आंकोलोजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ आलोक रंजन शामिल हैं। इन चिकित्सकों ने रिम्स के डिस्पैच में अपना इस्तीफा रिसीव करा दिया है। हालांकि, इस बाबत जानकारी लेने के लिए रिम्स निदेशक डॉ़ मंजू गाड़ी को कई दफा फोन किया गया, लेकिन उन्होंने पूर्व की तरह ही फोन नहीं उठाया। उनके ओएसडी डॉ़ हिरेंद्र बिरुआ ने कहा कि उन्हें इसकी सूचना नहीं है।

इस संबंध में एसोसिएट प्रोफेसर क्रिटिकल केयर डॉ़ सैफ ने बताया कि वह तीन दिन पहले निदेशक डॉ़ मंजू गाड़ी को इस्तीफा देने गए थे। लेकिन, डॉ गाड़ी ने इस्तीफा नहीं लिया और रुकने बोलीं। लेकिन कुछ जरूरी पारिवारिक कारणों से इस्तीफा देना जरूरी था। इसलिए उन्होंने डिस्पैच से इस्तीफा भेज दिया है।

डिमोट करना चाहता है प्रबंधन :

डॉ़ सैफ को रिम्स प्रबंधन एसोसिएट प्रोफेसर से असिस्टेंट प्रोफेसर बनाना चाहता है। इसका कारण यह है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने उनकी योग्यता पर आपत्ति की है। वहीं रिम्स गवर्निंग बॉडी की बैठक में क्रिटिकल केयर के एचओडी डॉ़ भट्टाचार्य के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव है। इसको लेकर भी सरकार के आलाधिकारियों को शिकायत की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि निजी प्रैक्टिस के खिलाफ तो कार्रवाई की बात वाजिब है, लेकिन छोटे-छोटे मामलों को जबरन जीबी में ले जाना गलत है।

कोरोना के गंभीर मरीजों के उपचार पर पड़ेगा असर :

ट्रॉमा सेंटर के तीन डॉक्टरों के इस्तीफा देने के बाद रिम्स में कोरोना के गंभीर मरीजों के उपचार पर असर पड़ेगा। खासकर क्रिटिकल केयर में प्रोफेसर डॉ पीके भट्टाचार्य के बाद एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर डॉ सैफ अकेले हैं। उनके बाद पांच केवल असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। किसी विभाग के संचालन के लिए प्रोफेसर के साथ साथ एक एसोसिएट प्रोफेसर का होना जरूरी है।

संबंधित खबरें