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सूख गया तजना नदी पर बना वियर, शहर में पानी के लिए मचा हाहाकार

खूंटी शहर में आखिरकार पानी के लिए हाहाकार मच ही गया। कारण है कि शहरी जलापूर्ति की पूरानी योजना तजना नदी पर वियर के सूख जाने से ठप हो गई। अब शहर के...

सूख गया तजना नदी पर बना वियर, शहर में पानी के लिए मचा हाहाकार
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हिन्दुस्तान टीम,रांचीSat, 15 Jun 2024 02:00 AM
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खूंटी, संवाददाता। शहरी जलापूर्ति की पूरानी योजना तजना नदी पर बना वियर के सूख जाने के कारण शहर में शुक्रवार से पानी आपूर्ति ठप हो गई। अब शहर के लोग बूंद-बूद पानी के लिए भी तरसने लगे हैं। पुरानी जलापूर्ति योजना के माध्यम से 1200 परिवार को पेयजल मुहैया कराया जाता था। जलापूर्ति ठप होने के बाद नगर पंचायत के द्वारा चार टैंकर और दो ट्रैक्टर से लोगों को पानी उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद लोग साइकिल, रिक्सा, ऑटो, बाईक आदि में प्लास्टिक के जार लेकर पानी ढूंढ़ते नजर आ रहे हैं। हर कोई पानी के लिए परेशान नजर आ रहा है। जलापूर्ति ठप होने से सबसे ज्यादा परेशानी ड्राई जोन घोषित कुम्हारटोली, मेलाटांड़, कर्रा रोड, लियाकत अलि लेन, आजाद रोड के लोगों को हो रही है।

पांच वर्षों बाद भी पूरी नहीं हुई नई जलापूर्ति योजना:

बता दें कि शहरवासियों को अगले 2045 तक निर्बाध रूप से पेयजलापूर्ति के लिए योजना बनाई गई थी, जिसका शिलान्यास पांच वर्ष पूर्व नगर भवन परिसर में तत्कालीन शहरी विकास मंत्री सीपी सिंह और तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने किया था। इसके एक महीने बाद ही हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बन गई। पांच साल बीत जाने के बाद भी नई शहरी जलापूर्ति योजना का काम पूरा नहीं हुआ। अब तो लोग चर्चा करने लगे हैं कि पता नहीं योजना वर्ष 2045 तक भी पूरा होगा या नहीं।

क्या कहते हैं लोग

कुम्हार टोली में कुछ दिन पहले नईजलापूर्ति योजना के तहत पेयजल की आपूर्ति की गई थी। लेकिन कंपनी वालों के द्वारा पाइप लाइन बिछाने का काम ठीक ढंग से नहीं किया है, इस कारण जगह-जगह पाइप से पानी लिकेज हो रहा हैं। जिससे सड़क पर पानी बहकर बर्बाद होने लगा। पिछले पांच दिनों से जलापूर्ति यहां ठप है। शुक्रवार की दोपहर ट्रैंकर से पानी सप्लाई की गई थी।

: सुनीता श्रीवास्तव, कुम्हार टोली।

पानी के लिए बहुत तकलीफ सहना पड़ रहा है। करीब एक किलोमीटर दूर नवाटोली से प्रतिदिन सुबह-शाम पैदल चलकर टीना भार से पानी लाना पड़ता हैं। कुछ दिन पहले नया पाइप लाइन से जलापूर्ति की गई थी। जिसमें लिकेज की समस्या है। कंपनी ने पाइप लाइन बिछाने का काम आधी-अधूरा किया। इस कारण अब पाईप में पानी नहीं आ रहा है।

: करण राम, कर्रा रोड।

मेरे घर में अब तक नया पाइप लाइन कनेक्शन नहीं दिया गया हैं। घर में अकेली रहती हूं। कुंआ से पानी भरकर लाने में असमर्थ हूं। पानी के लिए पड़ोसी से आश्रित रहती हैं। मेरी नगर पंचायत के अधिकारियों से गुजारिश है कि जल्द नल का कनेक्शन दें।

: कमला देवी, कर्रा रोड।

आस-पास के सभी कुंआ-चुंआ सूख चुके हैं। पानी के लिए सुबह-शाम इधर-उधर भटकना पड़ता हैं। दूर से दूसरे के कुंआ से पानी लाना पड़ता हैं। टैंकर से भी पानी नहीं आता हैं। इन्होंने नगर पंचायत अधिकारी से अपील की हैं कि इस क्षेत्र में भी टैंकर द्वारा पानी सप्लाई किया जाए।

: जीतनी देवी, कर्रा रोड।

लोधमा के पास तजना नदी का उदगम श्रोत:

कर्रा प्रखंड के लोधमा के पास तजना नदी का उदगम श्रोत है। यह नदी कर्रा और खूंटी के विभिन्न गांवों से गुजरते हुए एनएच 75ई के पास पहुंचती है। जहां नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा सिंचाई के लिए एक बराज का निर्माण किया गया है और उससे कुछ ही दूरी पर वियर का निर्माण किया गया है। जहां से शहरवासियों को जलापूर्ति की जाती है। इसके बाद तजना नदी खूंटी और मुरहू के गांवों से गुजरते हुए जब अड़की प्रखंड पहुंचती है, तब इसका नाम बदलकर करकरी नदी हो जाती है और यह नदी खरसवां जिले के चांडिल के पास डैम में समाहित हो जाती है।

कर्रा, खूंटी और मुरहू इलाकों में तजना नदी का जमकर दोहन हुआ है। बालू का अवैध उठाव इस कदर हुआ कि अब नदी में कहीं बालू नजर नहीं आता है। साथ ही लोधमा से खूंटी तक इसी नदी पर दो दर्जन से ज्यादा सोलर एरिगेशन सिस्टम लगे हैं। दूसरी ओर नदी के संरक्षण और संवर्द्धन के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।

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