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बारिश के बाद तोरपा की नदियों का बढ़ा जलस्तर

जिले में बेमौसम हुई खंडवृष्टि का सबसे ज्यादा प्रभाव तोरपा प्रखंड क्षेत्र में पड़ा है। इससे जहां खेती-बारी को फायदा पहुंचा है, वहीं नदियों में पानी...

बारिश के बाद तोरपा की नदियों का बढ़ा जलस्तर
हिन्दुस्तान टीम,रांचीSat, 25 May 2024 01:15 AM
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खूंटी, संवाददाता। जिले में बेमौसम हुई खंडवृष्टि का सबसे ज्यादा प्रभाव तोरपा प्रखंड क्षेत्र में पड़ा है। इससे जहां खेतीबारी को फायदा पहुंचा है, वहीं नदियों में पानी भर गया है। इससे निकट समय में किसानों को सिंचाई में परेशानी नहीं आएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ राजन चौधरी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के अंदर तोरपा क्षेत्र में कुल 65 एमएम बारिश हुई है, जबकि सिर्फ 23 मई को 51 एमएम बारिश हुई है। उन्होंने बताया कि बारिश के पानी से कंद वाले फसल हल्दी, अदरख के साथ सब्जी की खेती को फायदा पहुंचा है। चुकि धरती गर्म और प्यासी थी, इस कारण बारिश का पानी खेतों में ही सूख गया और इससे सभी फसलों को फायदा पहुंचा है। तोरपा में कारो नदी में पानी आने से जलापूर्ति योजना में मई के महीने में परेशानी नहीं होगी। वहीं आसपास के गांवों में भी भूगर्भीय जलस्तर उपर आएगा। उधर पेरवां घाघ और पांडुपुड़िंग के झरनों से भी मटमैला पानी गिरने लगा है। कारो को छोड़ अन्य नदियों के जलस्तर में कोई खास अंतर नहीं आया है। तोरपा के ही चेंगरझोर और छाता नदी में पानी का बहाव तो है, लेकिन कम। डोड़मा के पास फुलकू नदी में नाले की तरह पानी बह रहा है। कुदरी गांव के पास छाता नदी में पुल निर्माण के कारण छाता नदी के पानी को रोक दिया गया है। नदी के शेष हिस्सों में वैध तरिके से बालू का उठाव हो रहा है, जिसके कारण नदी में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और उसमें पानी दिखाई पड़ रहा है।

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