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रांची होकर चलने वाली अजमेर-जयपुर स्पेशल ट्रेन के प्रस्ताव पर लगा अड़ंगा

एसईआर रेलवे ने भेजा था प्रस्ताव, पूर्व मध्य रेलवे ने नहीं दी परिचालन की सहमति, उद्देश्य था कि 664 करोड़ की लागत से बने टोरी लाइन का ज्यादा उपयोग...

रांची होकर चलने वाली अजमेर-जयपुर स्पेशल ट्रेन के प्रस्ताव पर लगा अड़ंगा
हिन्दुस्तान टीम,रांचीMon, 03 Jul 2023 08:40 PM
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रांची, वरीय संवाददाता।

रांची होकर चलने वाली अजमेर-जयपुर-रांची स्पेशल ट्रेन के परिचालन को लेकर अड़ंगा लग गया है। इस ट्रेन को चलाने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया था, परंतु पूर्व मध्य रेलवे ने तकनीकी कारण बताते हुए इस ट्रेन के परिचालन को लेकर अपनी असहमति दर्ज कर दी, जिससे इस ट्रेन के परिचालन को लेकर जो संभावना बनी हुई थी, उस पर विराम लग गया।

दक्षिण पूर्व रेलवे ने इस ट्रेन को 664 करोड़ रुपए की लागत से बनी नवनिर्मित लोहरदगा-टोरी होकर चलाने की योजना बनाई थी, ताकि नवनिर्मित लाइन का सदुपयोग हो सके। परंतु पूर्व मध्य रेलवे जोन होकर गुजरने वाली इस ट्रेन को लेकर हरी झंडी नहीं मिलने से रांची के लोग जयपुर तक सीधी ट्रेन से वंचित हो जाएंगे। दूसरी ओर प्रयागराज जोन से इस ट्रेन के परिचालन को लेकर सहमति मिल चुकी थी, क्योंकि इस जोन में डेडीकेटेड फ्रेड कॉरिडोर का निर्माण हो चुका है और इसमें मालगाड़ी भी चलना शुरू हो गई है। वहीं, दक्षिण पूर्व रेलवे के द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में अजमेर-जयपुर-रांची स्पेशल ट्रेन को वाया बंडीकुई, मथुरा, कासगंज, कानपुर-प्रयागराज, चौपन, डालटनगंज होकर टोरी होते हुए रांची तक चलाने की योजना थी, जिसमें डालटनगंज सहित कुछ रेलवे क्षेत्र पूर्व मध्य रेलवे के अधीन हैं। वर्ष 2016 से अबतक रांची रेलमंडल को कोई नई ट्रेन भी नहीं मिल पाई है।

क्या तकनीकी कारण बताए गए

रेलवे सूत्रों के अनुसार पूर्व मध्य रेलवे ने रेलवे बोर्ड को बताया कि जोन अंतर्गत धनबाद रेल डिविजन में काफी लोड है। उस रुट में जहां काफी संख्या में मालगाड़िया चलती हैं, इसके अलावा कई यात्री गाड़ियां भी चलती हैं। ऐसे में नई ट्रेन देने से तकनीकी समस्या आएगी और समय निर्धारण में भी समस्या आएगी। साथ ही पूर्व से चल रही अन्य ट्रेनों के परिचालन, सुरक्षा-संरक्षा प्रभावित होगी। जानकारी के अनुसार इस जोन की पहली प्राथमिकता मालगाड़ी चलाने में है, क्योंकि इस जोन के धनबाद मंडल से कोयला ढुलाई में बाकी रेलमंडल की अपेक्षा सबसे ज्यादा मुनाफा होता है।

पहले भी पूर्व मध्य रेलवे ने कई ट्रेनों पर दी है असहमति

पूर्व में भी पूर्व मध्य रेलवे जोन ने दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के कई प्रस्तावों पर अपनी असहमति दी है। इसमें वर्ष 2019 में रांची-वाराणसी ट्रेन को लखनऊ तक विस्तार देते हुए चलाने का प्रस्ताव था, उसे भी टोरी होकर चलाना था। इससे रांची-वाराणसी की दूरी तीन घंटे कम होती और पलामू, गुमला-लोहरदगा के यात्रियों को भी फायदा मिलता। इसके अलावा रांची-उधना ट्रेन, रांची-मुंबई साप्ताहिक ट्रेन को टोरी-चोपन से चलाने का प्रस्ताव था, परंतु इसे भी नकार दिया गया। जुलाई माह के अंत तक रेलवे के टाइम टेबल कमेटी की बैठक होने वाली है, जिसमें नई ट्रेनों के परिचालन पर फिर से चर्चा होगी। इस संबंध में पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के सीपीआरओ विरेंद्र कुमार और दक्षिण पूर्व रेलवे कोलकाता गार्डेन रिच के सीपीआरओ आदित्य चौधरी ने भी अपने अभिनज्ञता जाहिर की है।

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