The old mountain where the soldiers are afraid to go the drone will become the third eye the Naxalites will look - बूढ़ा पहाड़ जहां जवान भी जाने से डरते हैं वहां ड्रोन बनेगा तीसरी आंख, नक्सलियों पर लगेगी नकेल DA Image
6 दिसंबर, 2019|9:19|IST

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बूढ़ा पहाड़ जहां जवान भी जाने से डरते हैं वहां ड्रोन बनेगा तीसरी आंख, नक्सलियों पर लगेगी नकेल

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छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे दुर्गम बूढ़ा पहाड़ पर पुलिस अब ड्रोन से नजर रखेगी। इस ड्रोन को नेत्रा नाम दिया गया है। बूढ़ा पहाड़ आज भी नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। यहां बड़े-बड़े नक्सली नेता अपनी रणनीति तैयार करते हैं। बीहड़ जंगल और ऊंचाई पर होने के कारण पुलिस अब तक पहाड़ पर सीधे-सीधे कार्रवाई नहीं कर पाई है। यहां नक्सलियो ने कदम-कदम पर लैंड माइंस बिछा रखे हैं। पुलिस ने जब-जब पहाड़ पर चढ़ने की कोशिश की तो नक्सली चौकन्ने हो गए और मुठभेड़ शुरू हो गई। ऊंचाई पर होने के कारण इसका फायदा नक्सलियों को मिलता है। छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा होने के कारण नक्सली आसानी से भागकर दूसरे राज्यों में भी चले जाते हैं। 

पुलिस को कैसे मिलेगी नेत्रा से मदद 
बूढ़ा पहाड़ पर नक्सली गतिविधियों की निगरानी ड्रोन कैमरा के माध्यम से सीआरपीएफ करेगी। सीआरपीएफ ने ड्रोन कैमरा को नेत्रा नाम दिया है। नेत्रा नक्सली गतिविधियों को कैद कर पुलिस उसकी रिपोर्ट उपलब्ध करायेगी। सोमवार को सीआरपीएफ परिसर में नेत्रा की क्षमता को देखा गया। सीआरपीएफ कमांडेंड सत्येन्द्र नाथ मिश्रा ने कहा कि बूढ़ा पहाड़ पर नक्सली गतिविधि नहीं बढ़े उसके लिए नेत्रा को अभियान में शामिल किया गया है। उसके माध्यम से बूढ़ा पहाड़ पर हो रही गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। नेत्रा के माध्यम से बूढ़ा पहाड़ के साथ-साथ नक्सली क्षेत्र में उसके माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। एसपी शिवानी तिवारी, एएसपी सदन कुमार के उपस्थित में नेत्रा का अभ्यास शिविर का आयोजन किया गया। अभ्यास के बाद नेत्रा के लिए गये फोटेज का अवलोकन किया।

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