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योग्य युवा प्रतिभाओं के बूते 2047 के विकसित भारत का लक्ष्य हासिल होगा: राज्यपाल

फोटो है - मोहराबादी स्थित दीक्षांत मंडप में आयोजित हुआ डीएसपीएमयू के पहले दीक्षांत...

योग्य युवा प्रतिभाओं के बूते 2047 के विकसित भारत का लक्ष्य हासिल होगा: राज्यपाल
हिन्दुस्तान टीम,रांचीFri, 23 Feb 2024 02:00 AM
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रांची, प्रमुख संवाददाता। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह गुरुवार को मोहराबादी स्थित दीक्षांत मंडप में आयोजित किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन मौजूद थे। अध्यक्षता कुलपति डॉ तपन कुमार शांडिल्य ने की। समारोह में स्नातक के सत्र 2018-21, 2019-22 और स्नातकोत्तर के सत्र 2018-20, 2019-21 और 2020-22 के 7260 विद्यार्थियों को डिग्री मिली। चार पीएचडी उपाधि दी गई। साथ ही, विभिन्न विषयों के टापरों के बीच 198 गोल्ड मेडल बंटे।
समारोह की शुरुआत दिन के 11:30 बजे अकादमिक शोभायात्रा के साथ हुई। इसमें राज्यपाल सहित कुलपति, सभी संकाय के डीन, रजिस्ट्रार डॉ नमिता सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ आशीष गुप्ता और अन्य पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। समारोह का ड्रेस कोड भारतीय परिधान था। छात्राएं लाल पाढ़ की सफेद साड़ी या सफेद सलवार-कुर्ते में थीं और छात्र सफेद कुर्ता पायजामा/धोती में थे।

सपनों को सच करने के लिए सपना देखना जरूरी

राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने अपने दीक्षांत भाषण में डिग्री प्राप्त करनेवाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्द्धन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह को ऐतिहासिक बताते हुए विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी। कहा कि 2047 के विकसित भारत का लक्ष्य युवा प्रतिभाओं के बूते ही हासिल होगा। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को उद्धृत करते हुए कहा कि सपनों को सच करने के लिए पहले सपना देखना जरूरी है। राज्यपाल ने कहा, मौजूदा प्रतियोगिता और ज्ञान-विज्ञान के युग में हमें युवा प्रतिभाओं की मजबूत नींव तैयार करनी है। उन्होंने युवाओं की सलाह दी कि कभी अपनी तुलना दूसरों से नहीं करें, बल्कि अपना लक्ष्य स्वयं निर्धारित करें और उसे हासिल करें।

कुलपति ने गिनाईं उपलब्धियां

कुलपति डॉ तपन कुमार शांडिल्य ने मौके पर विश्वविद्यालय की अकादमिक उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का अनुसंधान और शोध कार्यक्रमों पर विशेष जोर है।

एक ही सत्र के टॉपर बने बहन-भाई

समारोह में एमसीए (सत्र 2018-2021) की टॉपर आंचल कुमारी को गोल्ड मेडल मिला। जबकि, उनके भाई अनिकेत कुमार ने बीएससी आईटी (सत्र 2018-2021) का टॉपर बनकर गोल्ड मेडल हासिल किया। भाई-बहन की इस जोड़ी ने अपनी सफलता का श्रेय मां बासंती देवी को दिया, जिन्होंने सब्जियां बेचकर अपने बच्चों को पढ़ाया। वर्तमान में आंचल कुमारी डीएसपीएमयू में बतौर अतिथि शिक्षक आईटी विभाग में कार्यरत हैं। भाई का लक्ष्य भी विश्वविद्यालय शिक्षक बनना है। विभाग के शिक्षक डॉ राजेंद्र कुमार महतो व सभी शिक्षकों ने टॉपर भाई-बहन को बधाई दी।

:::::::::: बोले गोल्ड मेडलिस्ट :::::::::::::::

श्वेता कुमारी- बीबीए में टॉप किया। इसके लिए काफी मेहनत की थी। अपनी सफलता का श्रेय अपने अभिभावकों व शिक्षकों को देना चाहूंगी। आगे एचआर में अपना करियर बनाना है।

सुप्रिया शेखर- समाजशास्त्र रोचक विषय है, इसमें टॉपर बनकर गोल्ड मेडल हासिल करना लक्ष्य था। खुशी है कि यह सपना पूरा हुआ। आगे प्रोफेसर बनकर आनेवाली पीढ़ियों को शिक्षित करना चाहती हूं।

पूजा कुमारी- जीव विज्ञान की टॉपर बनी हूं। विश्वविद्यालय में अच्छे शिक्षकों के मार्गदर्शन में विषय पर पकड़ बनाने में मदद मिली। मेरा लक्ष्य सरकारी स्कूल में शिक्षिका बनना है।

मोनीशंकर पॉल- भौतकी विषय का टॉपर बनना लक्ष्य था, जो हासिल कर पाया। शिक्षा ही प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है, इसलिए शिक्षक बनकर नई प्रतिभाओं को तराशना चाहता हूं।

सुषाना होनहागा- हो भाषा की टॉपर बनी हूं। अपनी मातृभाषा से युवा विमुख होते जा रहे हैं। मातृभाषा हमें सभ्यता-संस्कृति से जोड़ती है। मेरा लक्ष्य राज्य प्रशासनिक सेवा (जेपीएससी) में सफल होना है।

दीपा शाहदेव- स्नातकोत्तर भूगोल में टॉप किया है। सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को देना चाहूंगी। विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण अच्छा है। अपना करियर विश्वविद्यालय शिक्षक के रूप में बनाना चाहती हूं।

सृष्टि प्रिया- अर्थशास्त्र में टॉपर बनी हूं। विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त कर बहुत उत्साहित हूं। आगे शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हूं।

मनोज कुमार- पीजी हॉस्पीटल एडमिनिस्ट्रेशन, विषय का टॉपर बना हूं। यह एक नया और रोजगारपरक विषय है। इस विषय के स्नातकों की जरूरत सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में है।

ग्रेजुएशन सेरेमनी कल

विश्वविद्यालय की ओर से तृतीय उपाधि वितरण समारोह का आयोजन शनिवार को दीक्षांत मंडल में किया गया है। इसमें रांची कॉलेज के सत्र 2014-17, 2015-18, 2016-19, 2017-20 और स्नातकोत्तर के सत्र 2016-18, 2017-19 के विद्यार्थियों को डिग्री मिलेगी।

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