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सुशील श्रीवास्तव गिरोह ने किया हजारीबाग में लखन साव पर हमला

अपराधी सुशील श्रीवास्तव गिरोह ने बरकागांव निवासी अपराधी लखन साव पर बुधवार को हमला कर किया है। इस हमले के पीछे पूर्व की दुश्मनी बताई जाती है। सुशील श्रीवास्तव को हजारीबाग में पुलिस हाजत में गोली मार दी गई थी। यह गिरोह मूल रूप से कोयला लिफ्टर और इससे जुड़े कारोबारियों से रंगदारी वसूलता है। लखन साव भी कभी सुशील श्रीवास्तव का दाहिना हाथ हुआ करता था। गिरोह में उसका ओहदा नंबर दो का था। उसके कहने पर गिरोह के बाकी सदस्य कुछ भी करने को तैयार रहते थे। सुशील श्रीवास्तव की हत्या के बाद लखन अपने आप को अलग कर लिया था। बड़कागांव में रहने लगा था। सुशील श्रीवास्तव गिरोह के लोगों को शक हो गया कि लखन रंगदारी का मोटा पैसा लेकर अलग हो गया है। उससे कई बार इस बाबत पूछताछ भी हुई। लेकिन लखन हर बार इनकार ही करता रहा। लेकिन इस बात को लेकर उसे धमकी भी दी गई। बुधवार को हजारीबाग में जब उसपर हमला हुआ, उस समय गिरोह के कम से कम आठ लोग थे। खुन्नस इतनी थी कि अपराधियों ने लखन पर एके 47 की पूरी मैग्जीन खाली कर दी और हथियार भी वहीं फेंक दिया। मेडिका में मौत से जूझ रहा लखन गोली लगने के बाद लखन को बुधवार दोपहर रांची के मिडिका में भर्ती कराया गया। जहां डॉ संजय कुमार व डॉ पेट्रिक मिंज ने उसका आपात कालीन ऑपरेशन किया है। फिलहाल व मेडिका के ट्रॉमा स्पेशलिस्ट डॉ विजय कुमार मिश्रा के इलाज में भर्ती है। उसके बांह व सिर में गोली लगी है। हालांकि ऑपरेशन में उसके शरीर से एक भी गोली नहीं निकली है। अस्पताल में उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है, उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। आखिर दोस्त कैसे हो गए जानी दुश्मन सुशील श्रीवास्तव लगभग 10 वर्षों जेल में था। जेल के अंदर से ही वह गिरोह चलाता था। बाहर किसी को हड़काना हो या टपकाना हो, यह काम वह लखन के सहारे ही करवाता था। लखन उकस जिगड़ी यार कहा जाता था। कई बार तो दोनों के बीच बकझक भी हुआ लेकिन दोस्ती पर आंच न आ सका। लेकिन एक समय ऐसा आाय जब रंगदारी की एक मोटी रकम को लेकर दोनों के बीच मतभेद गहराने लगे। लेकिन सुशील के बदलते व्यवहार का असर लखन पर दिखने लगा और वह सुशील के साथ रहते हुए ही अपना गिरोह बनाने लग गया। एक समय ऐसा आया जब सुशील की हत्या हो गई और पूरे तन मन धन से उस गिरोह से अलग हो गया। स्थिति ऐसी बदली की जिगड़ी दोस्त का गिरोह जानी दुश्मन बन गया। दुश्मनी ऐसी हो गई कि खुफिया विभाग ने भी हजारीबाग जिला प्रशासन को आगाह किया था कि लखन श्रीवास्तव गिरोह के टारगेट पर है। घटना के बाद सुशील श्रीवास्तव गिरोह से जुड़े अपराधियों की खोज पुलिस ने शुरू कर दी है।

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  • Web Title:Sushil Shrivastav gang attacked Lakhan Sav