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रांची

सुझाव: बालश्रम एक चुनौती, इसे खत्म करने को आगे आने की जरूरत, राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग के अध्यक्ष भी हुए वेबिनार में शामिल

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Sun, 13 Jun 2021 03:10 AM
सुझाव: बालश्रम एक चुनौती, इसे खत्म करने को आगे आने की जरूरत, राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग के अध्यक्ष भी हुए वेबिनार में शामिल

रांची। संवाददता

अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम उन्मूलन दिवस पर शनिवार को वेबिनार हुई। इसका आयोजन बाल कल्याण संघ, एसटेक इंडिया व राज्य संसाधन केंद्र ने संयुक्त रूप से किया। इसका विषय था ‘बचपन सुरक्षित-देश सुरक्षित। सेवानिवृत आइपीएस अधिकारी डॉ पीएम नायर ने कहा कि बालश्रम एक चुनौती है। इसे समाप्त करने के लिए सभी को आगे आने की आवश्यकता है।

मुख्य वक्ता राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा कि देश में पहली बार खूंटी जिला में सरकार और बाल कल्याण संघ के माध्यम से संवर्धन कार्यक्रम का शुरू किया गया है और जिले के चार हजार से अधिक बच्चों को चिह्नित किया गया है, जो कठिन परिस्थितियों में जीवन बसर करने को मजदूर थे।

उन्होंने कहा कि कोविड काल में बहुत सारे बच्चों ने अपने माता-पिता खोए हैं। इन बच्चों की सुरक्षा आवश्यक है, क्योंकि इन बच्चों को गलत तरीके से गोद देने, बालश्रम, बाल विवाह, बाल तस्करी में गैर कानूनी तरीके से बच्चों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसे रोकने की आवश्यकता है। सभी अपने-अपने क्षेत्र में इस तरह के बच्चों की जानकारी स्वराज पोर्टल को दें। ताकि बच्चों को सुरक्षा और संरक्षण प्रदान किया जा सके।

पांच लाख बच्चे कर रहे बालश्रम:

बीकेएस के सचिव संजय मिश्रा ने कहा कि राज्य में पांच लाख से अधिक बच्चे जो शिक्षा से वंचित हैं, वे सभी बच्चे किसी न किसी रूप में बालश्रम के कार्य में लगे हैं। इन बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत है। झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके मिश्रा ने कहा कि बाल तस्करी, बालश्रम से मुक्त कराई गई प्रशिक्षित युवक-युवतियों को हम अपने स्तर से रोजगार दिलाने में सहयोग करेंगे, ताकि इनका शोषण नहीं हो।

संयुक्त श्रमायुक्त झारखंड एसएस पाठक ने कहा कि हर साल पांच लाख से अधिक मजदूर बाहर काम की तालश में जाते हैं। इनके साथ काफी संख्या बच्चों का भी पलायन होता है। इसी क्रम में द एशिया फाउंडेशन नई दिल्ली की प्रमुख नंदिता बरूवा, एक्वीजेंशन की निदेशक जयत्री रे, टीडीएच नीदरलैंड के कंट्री प्रमुख थांगम पेरुमल, टाटा ट्रस्ट मुंबई के राष्ट्रीय प्रबंधक अभिजीत निर्मल सहित अन्य लोगों ने भी क्रमवार अपने विचार रखे। मौके पर प्रशांत कर्ण, सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष रूपा वर्मा सहित झारखंड के कई जिलों के प्रतिनिधि शामिल थे।

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