
नगड़ी में आठ दिनी प्रांतीय घोष आचार्य प्रशिक्षण संपन्न
कुदलुम स्थित श्रीकृष्ण चंद्र गांधी शैक्षिक नगर में विद्या विकास समिति, झारखंड द्वारा आयोजित आठ दिनी प्रांतीय घोष आचार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। 56 प्रशिक्षु आचार्यों ने कार्यक्रम में भाग लिया और घोष का प्रशिक्षण प्राप्त किया। नकुल शर्मा ने बच्चों के पंचकोषीय विकास पर जोर दिया और 2027 के महाकुंभ की तैयारी की आवश्यकता पर चर्चा की।
पिस्कानगड़ी, प्रतिनिधि। कुदलुम स्थित श्रीकृष्ण चंद्र गांधी शैक्षिक नगर में गुरुवार को विद्या विकास समिति, झारखंड द्वारा आयोजित आठ दिनी प्रांतीय घोष आचार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। समापन सत्र के दौरान विद्या विकास समिति, झारखंड के प्रदेश सचिव नकुल शर्मा ने प्रशिक्षु आचार्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य क्रिया आधारित शिक्षा के माध्यम से बच्चों का विकास करना है। विद्या भारती ने पांच आधारभूत विषयों के जरिए बालकों के अंदर पंचकोषीय विकास का लक्ष्य रखा है। इन आधारभूत विषयों में शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत घोष की शिक्षा भी शामिल है, जो छात्रों में एकाग्रता और एकता की भावना को बढ़ाती है।
उन्होंने आचार्यों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक छात्रों को घोष की शिक्षा दें। 2027 के महाकुंभ की तैयारी नकुल शर्मा ने कहा कि वर्ष 2027 में दिल्ली में होने वाले शिशु मंदिर के बालकों के घोष महाकुंभ में झारखंड का प्रतिनिधित्व दमदार होना चाहिए। इसके लिए अभी से सुचारु रूप से योजना बनाकर काम करने की जरूरत है। 56 आचार्यों ने लिया प्रशिक्षण इससे पहले क्षेत्र के शारीरिक और घोष प्रमुख राजेश प्रसाद ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में झारखंड के आठ विभागों से 56 प्रशिक्षु आचार्य शामिल हुए। इन सभी ने आठ दिनों तक निरंतर घोष का प्रशिक्षण प्राप्त किया। अब योजना के अनुसार, प्रशिक्षित आचार्य विभाग स्तर पर भैया-बहनों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षु आचार्यों ने घोष का शानदार प्रदर्शन किया। मौके पर प्रांत घोष प्रमुख तारकेश्वर राय, सह घोष प्रमुख मनबोध कुंभकार सहित झारखंड प्रांत के कई आचार्य मौजूद थे।

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