Hindi NewsJharkhand NewsRanchi NewsSuccess in Recovering Unclaimed Bank Accounts in Bokaro Over 900 Claimants Participate
900 खाताधारकों को मिले एक करोड़ रुपये से अधिक

900 खाताधारकों को मिले एक करोड़ रुपये से अधिक

संक्षेप:

बोकारो जिले में बैंकों के निष्क्रिय खातों के लिए आयोजित शिविर में 900 से अधिक खाताधारक सामने आए। इस अभियान के तहत एक करोड़ सात लाख रुपये की राशि का निपटारा किया गया। अभियान का उद्देश्य उन खातों की पहचान करना है जिनमें वर्षों से लेन-देन नहीं हुआ। झारखंड के अन्य जिलों में भी ऐसे शिविर आयोजित होंगे।

Nov 13, 2025 09:14 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, संवाददाता। देशभर में बैंकों के निष्क्रिय या अनक्लेम्ड खातों की रकम को सही दावेदारों तक पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बोकारो जिले में आयोजित शिविर में बड़ी सफलता मिली है। इस शिविर में कुल 900 से अधिक खाताधारक सामने आए, जिनके खातों में वर्षों से पड़ी राशि का निपटारा किया गया। कुल मिलाकर एक करोड़ सात लाख तीन हजार रुपये की राशि इन खातों से सेटल की गई। बता दें कि इस अभियान का उद्देश्य ऐसे खातों की पहचान करना है, जिनमें कई वर्षों से कोई लेन-देन नहीं हुआ है या जिनके मालिक/नामांकित व्यक्ति अब तक बैंक से संपर्क नहीं कर पाए हैं।

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बोकारो में आयोजित शिविर में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य प्रमुख बैंक शामिल रहे। शिविर में आए खाताधारकों ने अपने पहचान दस्तावेज प्रस्तुत कर खातों की जांच कराई, जिसके बाद संबंधित बैंक अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद राशि का भुगतान या खातों का पुनर्सक्रियण किया गया। तीसरे चरण में राज्य के किसी जिले में नहीं लगेगा शिविर अभियान के पहले दो चरणों में देश के विभिन्न जिलों में सैकड़ों करोड़ रुपये की निष्क्रिय राशि सही दावेदारों तक पहुंचाई जा चुकी है। अब इस अभियान का तीसरा चरण जल्द ही शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत देश के 50 जिलों में शिविर लगाए जाएंगे, हालांकि इस सूची में झारखंड का कोई जिला शामिल नहीं किया गया है। अन्य जिलों में भी लगेगा शिविर बैंकों का कहना है कि आने वाले दिनों में झारखंड के अन्य जिलों में भी ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि शेष खाताधारकों को भी उनकी बकाया राशि मिल सके। बैंक अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने पुराने खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, पीपीएफ और अन्य योजनाओं की स्थिति की जांच समय-समय पर करते रहें, ताकि उनकी मेहनत की कमाई कभी भी निष्क्रिय न हो।