
डोरंडा कॉलेज के कुड़ुख विभाग में एक भी शिक्षक नहीं, प्रदर्शन
रांची विश्वविद्यालय के डोरंडा कॉलेज में कुड़ुख विभाग में शिक्षकों की कमी को लेकर आदिवासी छात्र संघ ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि विभाग में एक भी शिक्षक नहीं है, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति और मिड-सेम परीक्षा कराने की मांग की।
रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत डोरंडा कॉलेज के कुड़ुख विभाग में शिक्षकों की गंभीर कमी के मुद्दे पर बुधवार को आदिवासी छात्र संघ के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव के नेतृत्व में इस संबंध में रांची विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार अजय लकड़ा को ज्ञापन भी सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुड़ुख विभाग में वर्तमान में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है, जिसके कारण विभाग का शैक्षणिक कार्य पूरी तरह ठप है। सुशील उरांव ने कहा कि डोरंडा कॉलेज में कुड़ुख भाषा की पढ़ाई स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर होती है, लेकिन शिक्षक के अभाव में विद्यार्थियों का भविष्य गंभीर संकट में है।

छात्र संघ ने यह मुद्दा भी उठाया कि वर्तमान में स्नातक सेमेस्टर-6 का परीक्षा फॉर्म भरा जा रहा है, जबकि मिड-सेम परीक्षा तक नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि ऐसी स्थिति में विद्यार्थी फॉर्म कैसे भरेंगे। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि रांची विश्वविद्यालय प्रशासन इन बिंदुओं पर यथाशीघ्र संज्ञान ले, अन्यथा देर होने पर आदिवासी छात्र संघ चरणबद्ध आंदोलन करेगा। संघ की ओर से प्रमुख रूप से कुड़ुख विभाग में तत्काल स्थायी या अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति, स्नातक सेमेस्टर-6 का परीक्षा फॉर्म भरने से पहले मिड-सेम परीक्षा आयोजित करने और आदिवासी भाषाओं से संबंधित विभागों को स्थायी, मजबूत तथा पर्याप्त संसाधनों के साथ संचालित करने की मांग की गई। डिप्टी रजिस्ट्रार ने सभी मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

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