नव संवत्सर पर राजधानी में निकली स्वर्वेद यात्रा
रांची में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, भारतीय नव वर्ष पर विहंगम योग के तत्वावधान में स्वर्वेद यात्रा निकाली गई। मोरहाबादी मैदान से शुरू हुई यात्रा में श्रद्धालुओं ने स्वर्वेद ग्रंथ धारण किए। यह यात्रा देवी मंडप पहुंची, जहां वंदना और प्रसाद वितरण के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम में लगभग तीन सौ श्रद्धालु शामिल हुए।

रांची, वरीय संवाददाता। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, भारतीय नव वर्ष पर गुरुवार को राजधानी में विहंगम योग के तत्वावधान में स्वर्वेद यात्रा निकाली गई। इस आध्यात्मिक आयोजन से पूरा शहर भक्तिमय हो गया। यात्रा का शुभारंभ प्रातःकाल मोरहाबादी मैदान से स्वर्वेद अमृत वाणी और भजन-कीर्तन के साथ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने मस्तक पर पवित्र स्वर्वेद ग्रंथ धारण किए और हाथों में अंकित श्वेत ध्वजा लिए यात्रा में शामिल हुए, जो उनकी गहरी आस्था और समर्पण को दर्शा रहा था। यह यात्रा चिरौंदी स्थित देवी मंडप पहुंची, जहां वंदना, आरती और प्रसाद वितरण के साथ इसका समापन हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि स्वर्वेद, ब्रह्मविद्या विहंगम योग का प्रमुख ग्रंथ है, जिसमें आत्मा-परमात्मा के संबंध और ध्यान साधना के वैज्ञानिक पहलुओं का विस्तृत वर्णन है।
कार्यक्रम के दौरान विहंगम योग संदेश पत्रिका और स्वर्वेद ग्रंथ का निःशुल्क वितरण भी किया गया। आयोजन में लगभग तीन सौ से अधिक शिष्य-शिष्याओं सहित श्रद्धालु उपस्थित थे।
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