Hindi NewsJharkhand NewsRanchi NewsSpecial Committee Formed in Jharkhand to Address Human-Elephant Conflicts
हाथी के हमले से हो रही मौतों को लेकर वन विभाग सतर्क, राज्य स्तरीय कमेटी गठित

हाथी के हमले से हो रही मौतों को लेकर वन विभाग सतर्क, राज्य स्तरीय कमेटी गठित

संक्षेप:

झारखंड में हाथी के हमलों में बढ़ती मौतों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एक विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति हाथियों की ट्रैकिंग करेगी और सुरक्षित तरीके से उन्हें स्थानांतरित करने का काम करेगी। ओड़िशा से प्रशिक्षित टीम पहले ही पहुंच चुकी है, और एसओएस टीम भी हाथियों को सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए तैयार है।

Jan 07, 2026 09:46 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। हाथी के हमले में लगातार हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने राज्य स्तर पर एक विशेष कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी हाथी की ट्रैकिंग कर स्थिति पर नजर रखेगी और उसे नियंत्रित करने के साथ-साथ सुरक्षित तरीके से पकड़कर अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई करेगी। वन विभाग के अनुसार, कमेटी हाथी को स्थानांतरित करने में विशेषज्ञों की सहायता लेगी। हाथी को नियंत्रित करने के लिए ओड़िशा से प्रशिक्षित टीम पहले ही पहुंच चुकी है, जो हाथी की गतिविधियों पर निगरानी रख रही है। वहीं, हाथी को स्थानांतरित करने के लिए एसओएस (एसओएस) टीम को भी बुलाया गया है।

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एसओएस टीम विशेष वाहनों और अत्याधुनिक संसाधनों से लैस होगी, जिससे हाथी को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया जा सकेगा। बताया गया है कि एसओएस टीम एक-दो दिनों के भीतर चाईबासा पहुंच जाएगी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) पारितोष उपाध्याय का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही हाथी को भी बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान पर भेजने की योजना है। ----- हाथी मानव संघर्ष कम करने के लिए लोगों के बीच जागरूकता जरूरी : दीपक बिरुआ रांची। परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा है कि हाथी झारखंड का राजकीय पशु है, जिस तरह जंगल के आसपास रहने वाले लोग हमारे लिए अनमोल हैं उसी तरह हाथी भी हमारे पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है। हाल के दिनों में हाथी मानव संघर्ष बढ़ा है। कई लोगों का जीवन समाप्त हो गया। वह दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। उनका मानना है कि हाथी तो जंगली जीव है और जीवों में अधिक संवेदनशील भी। हाथी मानव संघर्ष कम करने के लिए लोगों के बीच जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कई बार देखा है कि जब गांव के पास स्थित जंगल में हाथी रहते हैं तो वहां लोगों की भीड़ जुट जाती है, यह नहीं होना चाहिए। हाथी से दूरी बनाकर रखना हितकर है। खासकर बच्चों और वृद्धों को। युवा लोगों में जागरूकता का संचार करें। हाथियों से हो रहे छेड़छाड़ को युवा वर्ग रोके। उन्होंने चाईबासा उपायुक्त को हाथी प्रभावित क्षेत्र में हो रही घटना पर विराम लगाने के निमित जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है, वन विभाग भी एलिफेंट ड्राइव टीम को भेज कर हाथी को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का कार्य करे। क्षेत्र के लोग भी जंगल की ओर जाने से बचें, हाथियों को परेशान नहीं करें, गांव में हाथी आने पर वन विभाग को सूचित करें। वह जल्द हाथी मानव संघर्ष को कम करने की दिशा में कार्य करेंगे, ताकि लोगों की जान और हाथियों का अस्तित्व सुरक्षित रहे। कृपया हाथियों से दूरी बनाकर रखें।