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रांची

आसमानी आफत....... अस्पताल से अपार्टमेंट तक में घुसा पानी

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Sat, 31 Jul 2021 03:20 AM
आसमानी आफत....... अस्पताल से अपार्टमेंट तक में घुसा पानी

रांची। वरीय संवाददाता

शुक्रवार को हुई 76 एमएम बारिश ने राजधानी को पानी-पानी कर दिया। बारिश ने रांची नगर निगम के रमणिक रांची के दावे की डूबा दिया। अरगोड़ा से कटहल मोड़ जाने वाली सड़क पर चार फीट पानी जमा हो गया। पानी में फंसने पर गाड़ियां खराब होने लगीं। लोगों को वाहनों को धक्का देकर जलजमाव से निकालना पड़ा। शाम चार बजे के करीब स्थानीय लोगों ने बांस बैरिकेडिंग कर सड़क को बंद कर दिया।

सड़क से सटे नौ तल्ले एक्लव्य टॉवर की पूरी पार्किंग डूब गई। पार्किंग में करीब छह फीट पानी भर गया। पार्किंग में खड़ी करीब आधा दर्जन कार पूरी तरह से डूब गई। बस उनकी छत नजर आ रही थी। एक्लव्य टॉपर में रहने वाले करीब 70 परिवार अपने फ्लैट में कैद हो गए। पार्किंग में पानी भरने से बिजली चली गई। लिफ्ट ने काम करना बंद कर दिया।

हिंदपीढ़ी स्थिति नेजाम नगर में छोटा तालाब के ओवरफ्लो होने के कारण 50 से अधिक घरों में पानी घुस गया। आनन-फानन में किसी तरह लोगों ने घर के सामान को चौकी पर रखा। घर में रखे सोफा और अलमारी में पानी घुस गया। लोगों को घर से बाहर निकल कर सड़क पर आना पड़ा। इतना ही नहीं रिम्स और सदर अस्पताल के बाहर तालाब जैसा नजारा दिख रहा था। रिम्स के ऑर्थो वार्ड में पानी घुस गया। न्यूरो वार्ड के बरामदा में मरीज प्लास्टिक ढंक कर बरसात से बचते दिख। रिम्स के सफाईकर्मी सुबह से ही पानी निकालने के काम में जुटे थे।

अरगोड़ा में डूबी सड़क पर उतर कर किया विरोध

अरगोड़ा में सड़क पर पानी जमने के बाद स्थानीय लोग सड़क पर खड़े होकर विरोध करने लगे। विरोध में शामिल एक्लव्य टॉवर के सचिव गौरव वर्मा ने बताया कि नाली नहीं होने के कारण सड़क पर पानी भर जाता है। शुक्रवार को अधिक पानी होने के कारण सड़क का पानी बहकर अपार्टमेंट के पार्किंग में घुस गया। गौरव ने बताया कि नगर निगम तीन साल से कह रहा है कि 15वीं फाइनेंस से सड़क का निर्माण होना है। लेकिन अभी तक सड़क व नाली का निर्माण नहीं हुआ है। वहीं, अध्यक्ष राजेश सिन्हा ने बताया कि जब से मॉनसून शुरू हुआ है, सड़क पर पानी जमा है, लेकिन नगर निगम कोई उपाय नहीं कर रहा है।

हरमू नदी लबालब:

24 घंटे से लगातार हो रही बारिश से हरमू नदी को लबालब हो गई है। कभी कीचड़ व कचरे से पटी रहने वाली हरमू नदी में पानी उफान मारने लगा है। नदी में जमा सारा कचरा बहकर स्वर्णरेखा नदी में पहुंच गया। हरमू नदी के अलावा भूसुर नदी, हिनू नदी, स्वर्णरेखा नदी में पानी की तेज धार बह रही है।

धुर्वा में बीच सड़क पर गिरा पेड़

धुर्वा में बीच सड़क पर बड़ा पेड़ गिर गया। पेड़ पहले से ही झुका हुआ था। अच्छी बात ये रही है कि जिस समय पेड़ गिरा उस समय सड़क खाली थी। बाद में नगर निगम की टीम ने पेड़ को काटकर हटाया।

भाजपा कार्यालय के बाहर जमा पानी

हरमू रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर भी जलमाव देखने को मिला। पैदल गुजरने वाले को काफी दिक्कत हो रही थी। हरमू रोड में अरगोड़ा चौक और डीपीएस स्कूल से पहले जल जमाव देखने को मिला।

पंडरा में सड़क लबालब

पंडरा में शांति नगर में की सड़कें डूब गईं। इतना ही नहीं पंडरा जाने वाली मुख्य सड़क पर बैंक ऑफ इंडिया के पास भी सड़क पर घुटने भर पानी भर गया। 17 दुकानों में पानी घूस गया। दुकानें बंद करनी पड़ी।

थड़पकना में नाला का पानी सड़क पर

थड़पकना में पूरी सड़क पर नाले का पानी बहने लगा है। नाले की गंदगी सड़क पर आ गई। पानी इतना था कि पैदल चलने वाले तो दूर बाइक सवार भी सड़क पार नहीं कर पा रहे थे। दिन भर सड़क पर पानी भरा ही रहा।

डेली मार्केट हुआ कीचड़मय:

डेली मार्केट में पानी के साथ कीचड़ भर गया। पूरे बाजार में दुर्गंध फैल गई है। लोगों को पानी में घुस कर सब्जियां खरीदनी पड़ रही थीं। आने जाने में लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इन जगहों पर भरा पानी

मेकन ऑफिस, चडरी तालाब, हलधर गली, रातू रोड, विद्या नगर, बड़ा तालाब टेलीफोन एक्सचेंज, लाइन टैंक रोड, नेजाम नगर, विद्या नगर आदि।

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रिम्स और सदर अस्पताल बने तालाब, न्यूरो विभाग के मरीजों को भीगने से बचाने के लिए लगाया तिरपाल

लगातार बारिश के बाद राजधानी के दो बड़े अस्पताल तालाब में तब्दील हो गये। सदर अस्पताल के बाहर मरीजों को निकलने और जाने में काफी परेशानी हुई। वहीं रिम्स के ऑर्थो, न्यूरो, डेंगू, विभाग में पानी भर गया। न्यूरो विभाग के बरामदे पर ईलाजरत मरीजों को उनके परिजनों ने तिरपाल से ढक कर बचाया। वहीं, अस्पताल के बाहरी हिस्सों में तालाब-सा नजारा देखने को मिला। इसके अलावा मरीजों को अल्ट्रासाउंड करने के लिए मजबूरी में ट्रॉली से भीगकर जाना पड़ा। बता दें कि रैन बसेरा भवन में स्थित हेल्थ मैप रिम्स के बाहरी हिस्से में है, जहां जाने के लिए मरीजों को भीगना पड़ जाता है।

न्यूरोसर्जरी विभाग के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी:

रिम्स के पुराने बिल्डिंग के तीसरे तल्ले पर न्यूरोसर्जरी विभाग है। इस विभाग में सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या है। वार्ड में जगह भर जाने के कारण मरीजों का इलाज फर्श पर होता है। मरीज अपने मर्ज का इलाज के लिए भर्ती तो हो जाते हैं, लेकिन यहां इलाज कराना काफी चुनौतीपूर्ण है। गुरुवार रात से हो रही बारिश के कारण मरीज किसी तरह अपना बचाव कर रहे हैं। मानसून की बारिश के कारण हजारीबाग जिले के इचाक थाना क्षेत्र की रहने वाली बेसली देवी के परिजन परेशान हैं। सड़क हादसे में घायल बेसली के सिर पर चोट लगी है। बारिश तेज हुई तो परिजनों ने टेम्पररी बेड शीट(ट्रॉली कवर) से अपने मरीज को ढंक कर बचाया। परिजनों ने कहा कि 27 जुलाई की रात उसे यहां भर्ती कराया गया है। लेकिन इलाज के लिए उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।

कोट:

मैं भी मानता हूं कि बारिश में मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। जलजमाव अस्पताल के लिए अभिशाप बन गया है। इससे मुक्ति के लिए क्या व्यवस्था होनी चाहिए, इस पर प्रबंधन से बातचीत की जाएगी।

डॉ डीके सिन्हा, पीआरओ, रिम्स

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