ईश्वर के बिना व्रत धारण जीवन की गारंटी नहीं : महाधर्माध्यक्ष
रांची में संत फ्रांसिस कैथोलिक गिरजाघर में सिस्टर्स ऑफ पुअर हैंडमेड ऑफ जीसस क्राइस्ट की तीन धर्मबहनों ने आजीवन व्रत धारण किया। महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें उन्होंने व्रत के महत्व और ईश्वर के बिना जीवन की अस्थिरता के बारे में बात की।

रांची, प्रमुख संवाददाता। टाटीसिलवे के महिलौंग आरागेट के पास संत फ्रांसिस कैथोलिक गिरजाघर में मंगलवार को कार्यक्रम हुआ। इसमें सिस्टर्स ऑफ पुअर हैंडमेड ऑफ जीसस क्राइस्ट की तीन धर्मबहनों सिस्टर अलीश कुल्लू, संध्या केरकेट्टा और अनामिका तीडू ने आजीवन व्रत धारण किया। रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद की मौजूदगी में मिस्सा बलिदान एवं समारोही जुलूस का आयोजन हुआ। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज का व्रत अंतिम नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक दिन व्रत के अनुसार जीने की प्रतिज्ञा है। उन्होंने मसीही विश्वासियों को निर्धनता एवं नम्रता के भाव के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। कहा कि ईश्वर के बिना व्रत धारण जीवन की गारंटी नहीं, क्योंकि ईश्वर ही शक्ति के स्रोत हैं।
प्रभु में समर्पित रहने और समुदाय के साथ लोगों की भलाई के लिए अपना जीवन समर्पित करने का भी आह्वान किया। धर्मोपदेश के बाद व्रत धारण करने वाली धर्मबहनों ने आजीवन व्रत की घोषणा की। महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद द्वारा आशीष की अंगूठी भी धर्मबहनों ने धारण किया। उन्होंने तीनों धर्मबहनों के साथ मां, पिता एवं रिश्तेदारों को उनके जीवन में विश्वास का बीज बोने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में पल्ली पुरोहित फादर बेसिल रुंडा, सिस्टर लुसी, हेलन अन्य धर्मबहनें, पल्ली के विश्वासी, व्रत धारण करने वाली धर्मबहनों की मां, पिता एवं रिश्तेदार समेत अन्य शामिल हुए।
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