न संसाधनों की कमी डिगा सकी, न मौसम की मार, कॉमर्स में स्टेट टॉपर बनीं श्वेता
रांची की श्वेता प्रसाद ने आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद 12वीं कॉमर्स परीक्षा में 95.6 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनका लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर अपने परिवार को बेहतर जिंदगी देना है।

रांची, संवाददाता। तंग कमरे की दीवारों के बीच बड़े सपनों को संजोए रांची की श्वेता प्रसाद ने वह कर दिखाया है, जो हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है। आर्थिक तंगी, सीमित संसाधनों और संघर्ष के बावजूद श्वेता ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की 12वीं कॉमर्स परीक्षा में 95.6 प्रतिशत (478 अंक) हासिल कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। रांची के योगदा सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय की छात्रा श्वेता मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी की रहने वाली हैं। बेहतर शिक्षा और भविष्य की तलाश में उनका परिवार रांची के हिनू इलाके में एक छोटे से किराये के कमरे में रहता है। श्वेता के पिता बिहार में खेती-किसानी का कार्य करते हैं, माता गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण है। किराये के एक ही कमरे में मां और भाई-बहन समेत परिवार के चार सदस्य रहते हैं। उसी सीमित जगह में खाना बनता है और वहीं तमाम परेशानियों के बीच श्वेता ने अपनी सफलता की इबारत लिखी।
शिक्षा का संघर्ष
‘हिन्दुस्तान’ के साथ अपनी सफलता साझा करते हुए श्वेता बताती हैं कि घर छोटा होने के कारण पढ़ाई के लिए शांत माहौल मिलना कठिन था। ऐसे में वह अक्सर छत पर जाकर घंटों पढ़ाई किया करती थीं। मौसम की मार, चाहे तेज धूप हो या उमस, उनके इरादों को डिगा नहीं सकी। कहा, कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता। वह किसी निश्चित समय के बजाय एकाग्रता के साथ नियमित पढ़ाई करने में विश्वास रखती थीं। जो विषय कठिन लगते, उन्हें वह कॉलेज के शिक्षकों और यूट्यूब की मदद से हल करती थीं।
भविष्य की योजना
श्वेता का लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनना है। वह सीए बनकर न केवल अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं, बल्कि अपने परिवार को एक बेहतर और सुविधाजनक जिंदगी भी देना चाहती हैं।
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