
बिना बीएड के ही 15 सालों से प्राचार्य बने हैं सुशील मिंज
शहीद वीर बुधू भगत इंटर कॉलेज, चान्हो में शासी निकाय की बैठक में वित्तीय और शैक्षणिक अनियमितताओं का खुलासा हुआ। प्राचार्य डॉ. सुशील मिंज ने आय-व्यय का संतोषजनक विवरण नहीं प्रस्तुत किया। डॉ. मिंज के पास बीएड की योग्यता नहीं है, फिर भी वे 15 साल से प्राचार्य हैं। विशेष जांच समिति गठित की जाएगी।
चान्हो, प्रतिनिधि। शहीद वीर बुधू भगत इंटर कॉलेज, चान्हो में शुक्रवार को आयोजित शासी निकाय की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई जब कॉलेज में लंबे समय से चली आ रही वित्तीय और शैक्षणिक अनियमितताओं के मामले सामने आए। बैठक में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, रांची जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) विनय कुमार तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुशील मिंज कॉलेज के आय-व्यय का संतोषजनक विवरण प्रस्तुत करने में असफल रहे, जिससे वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका और प्रबल हो गई। इसी दौरान यह भी उजागर हुआ कि डॉ मिंज के पास बीएड की अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता नहीं है, इसके बावजूद वे लगभग 15 साल से प्राचार्य पद पर बने हैं, जो कॉलेज संचालन से जुड़े नियमों और मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है।
बैठक में कॉलेज की शैक्षणिक स्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता, आधारभूत संरचना की स्थिति तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कॉलेज के सचिव अजीत सिंह, बीडीओ वरुण कुमार सहित शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद थे। कोट विनय कुमार, डीईओ कॉलेज के प्राचार्य सहित सभी शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच कराने के लिए विशेष जांच समिति गठित की जाएगी, जो कॉलेज के आय-व्यय, शिक्षकों के वेतन भुगतान तथा शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच करेगी। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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