बेड़ो में आंधी-तूफान से सात घरों के छप्पर उड़े, परिवार बेघर
बिहार के बघियाटोली और डोरंडा पंचायत में आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। इससे सात ग्रामीणों के घरों के एसबेस्टस छप्पर उड़ गए और वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से राहत की मांग की है।

बेड़ो, प्रतिनिधि। प्रखंड के नारी पंचायत के बघियाटोली तथा डोरंडा पंचायत के डोरंडा, सेरो और बरटोली गांव में शुक्रवार अपराह्न करीब ढाई बजे आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस दौरान सात ग्रामीणों के घरों के एसबेस्टस छप्पर उड़ गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। आंधी के कारण बघियाटोली में जगरनाथ उरांव, विनोद लकड़ा और जागो उराईन और डोरंडा बरटोली में बसंती उरांव और बुटयन लोहराईन के घरों को नुकसान पहुंचा। वहीं डोरंडा गांव के कृष्णा महतो और सेरो गांव के विजय राम के घरों की छत भी उड़ गई। छप्पर उड़ने से घर में रखा धान, चावल, कपड़े, बर्तन सहित अन्य घरेलू सामान बारिश में भींगकर बर्बाद हो गया。
बाल-बाल बचे लोग, बच्चों में दहशत:
पीड़ितों ने बताया कि तूफान के समय पूरा परिवार घर के अंदर था, लेकिन किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल सके। जगरनाथ उरांव ने कहा कि अचानक आई आंधी से छत उड़ गई और बच्चे डर के मारे रोने लगे। अब उनके पास रहने की कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। घटना के बाद गरीब परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों ने प्रशासन से आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की मांग की है। सूचना मिलने पर मुखिया महावीर उरांव और समाजसेवी चरवा उरांव ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
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