मुरहू में गैस के लिए 45 दिन के इंतजार से बढ़ी परेशानी
मुरहू क्षेत्र में रसोई गैस की भारी किल्लत से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतार में खड़े होते हैं। होटल-ढाबे लकड़ी के सहारे चल रहे हैं। इंडेन गैस सेवा में भी बाधा आ रही है, जिससे उपभोक्ता नाराज हैं। प्रशासन से डोर-स्टेप डिलीवरी की मांग की जा रही है।

मुरहू, प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र में रसोई गैस की भारी किल्लत से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह से शाम तक लोग गैस सिलेंडर की जुगाड़ में भटकते नजर आ रहे हैं। भारत गैस एजेंसी द्वारा एक दिन के अंतराल पर चमराटोली मैदान में गैस वितरण किया जा रहा है, जहां खूंटी, मुरहू, अड़की, तोरपा और रनिया समेत कई क्षेत्रों से आए उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग जाती है। हालांकि वितरण व्यवस्था संतोषजनक है, लेकिन गैस बुकिंग के बाद करीब 45 दिनों तक इंतजार करना लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। होटल-ढाबे लकड़ी के सहारे, कारोबार पर असर:गैस की कमी का असर स्थानीय व्यवसाय पर भी साफ दिख रहा है।
छोटे-बड़े होटल संचालक मजबूरी में लकड़ी और वैकल्पिक ईंधन के सहारे कारोबार चला रहे हैं। फास्ट फूड सेंटर संचालक भी इस संकट से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है और ग्राहकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।इंडेन सेवा बाधित, उपभोक्ताओं में नाराजगी:इधर प्रियम और बिरसा इंडेन गैस की सेवा मुरहू क्षेत्र में सुचारू नहीं होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे दिन लाइन में खड़े रहने के बावजूद भी सिलेंडर नहीं मिल पाता, जिससे घरेलू और व्यवसायिक दोनों गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।डोर-स्टेप डिलीवरी की मांग तेज:गैस उपभोक्ताओं ने प्रशासन से डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था जल्द लागू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे लोगों को राहत मिलेगी और गैस संकट का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।
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