अनुदानित महाविद्यालयों में अध्ययनरत किशोरियों को मिलेगा आर्थिक लाभ
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत 9 लाख किशोरियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। योजना का उद्देश्य उच्चतर कक्षाओं में बालिकाओं के विद्यालय त्याग की प्रवृत्ति को कम करना है। रांची में सबसे अधिक किशोरियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से मांगी किशोरियों की संख्या - सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ देना है उद्देश्य - 9 लाख किशोरियों को योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य सरकार द्वारा प्रबंधित/अनुदानित महाविद्यालयों की 11वीं एवं 12वीं कक्षा में अध्ययनरत अर्हताधारी योग्य छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से लाभान्वित किया जाएगा। इसे लेकर नोडल विभाग महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा योजना से संबंधित संकल्प में संशोधन की कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा बीते 19 फरवरी को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से राज्य सरकार द्वारा प्रबंधित/अनुदानित महाविद्यालयों में अध्ययनरत किशोरियों की संख्या उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, चालू वर्ष में राज्य के अनुदानित इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों एवं मदरसा विद्यालयों में अध्ययनरत हजारों छात्राओं को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। निदेशालय के मुताबिक, राज्य सरकार के अंतर्गत प्रबंधित और अनुदानित संस्थाओं में किशोरियों के नामांकन से संबंधित नवीनतम उपलब्ध आंकड़ों की संख्या करीब 1.50 लाख के आसपास है। ‘प्रबंधित एवं अनुदानित महाविद्यालय’ का अर्थ एक ऐसे शैक्षणिक संस्थान से है, जो निजी प्रबंधन द्वारा चलाया जाता है, लेकिन इन्हें राज्य सरकार से वित्तीय सहायता (अनुदान) प्राप्त होती है। ............................ 4,25,406 लाभुकों के बीच 164.06 करोड़ का भुगतान बता दें कि उच्चतर कक्षाओं में बालिकाओं के विद्यालय त्याग की प्रवृत्ति को कम करने, उनके शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से सितंबर 2022 को उक्त योजना शुरू की गई थी। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के स्थान पर शुरू इस योजना में चालू वित्तीय वर्ष के 13 फरवरी के आंकड़ों के मुताबिक 6,46,776 आवेदन पोर्टल पर मिले हैं। मिले आवेदनों में से अबतक 4,25,406 लाभुकों को पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान किया गया है। लाभुकों के बीच कुल 164.06 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। बता दें कि राज्य सरकार ने 9 लाख किशोरियों को योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ............................. रांची में सबसे अधिक किशोरियों को पहुंचाना है लाभ, पलामू में सबसे अधिक आवेदन बीते 13 फरवरी को महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव ने योजना की समीक्षा की थी। समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आई कि 9 लाख लक्षित किशोरियों में से सबसे अधिक रांची (64,000) में लाभ पहुंचाना है। वहीं, पलामू में 62,000 किशोरियों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य है। सबसे कम 14,000 किशोरी खूंटी जिला में लक्षित है। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में सबसे अधिक आवेदन पलामू जिला से आए हैं। यहां कुल 42,779 किशोरियों द्वारा आवेदन किए गए हैं। गिरिडीह (38,826), हजारीबाग (37,090), धनबाद (35,786), चतरा (33,462), देवघर (33,182) जिले से आवेदन आए हैं। सबसे कम आवेदन लोहरदगा से 10,971 आवेदन विभाग को मिले हैं।
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