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2 अगस्त, 2020|10:33|IST

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वैज्ञानिक भाषा है संस्कृत

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संस्कृत भारती झारखंड की ओर से आयोजित संस्कृत सप्ताह के तहत तीसरे दिन रविवार को गूगल मीट पर दो सत्रों में कार्यक्रम हुआ। प्रथम सत्र में संभाषण प्रतियोगिता हुई। इसमें अंशु कुमारी, आशीष कुमार, हर्षिका कुमारी, उमन कुमारी और जयंत विजेता बने। इस सत्र में संस्कृत भारती झारखंड के प्रांत सह मंत्री पृथ्वीराज सिंह ने नियमित संस्कृत संभाषण करने की जरूरत पर जोर दिया और युवाओं को इसके लिए प्रेरित किया।दूसरे सत्र में व्याख्यानमाला के अंतर्गत संस्कृत और विज्ञान, विषय पर सीसीएल रांची में कार्यरत इंजीनियर दिव्यसानु पांडेय ने बताया कि वर्तमान विज्ञान हमारे संस्कृत विज्ञान की ओर बढ़ रहा है। वर्णों के उच्चारण में कंपन से संबंधित वैज्ञानिकता का प्रभाव नजर आता है। आज विज्ञान में दशमलव पद्धति की चर्चा होती है, जिसकी सबसे प्रथम चर्चा आर्यभट्ट ने की थी। उन्होंने कहा कि संस्कृत की वैज्ञानिकता इस प्रकार है कि जो भी संस्कृत शास्त्र हैं, वह एक-दूसरे से परस्पर मिले हुए हैं। एक शास्त्र को पढ़ने के लिए दूसरे शास्त्र का अध्ययन जरूरी है। छंद शास्त्र में लघु और गुरु वर्ण का वर्णन है, जिसे आधार बनाकर आज हम कंप्यूटर के बाइनरी सिस्टम को जानते हैं। ज्योतिषशास्त्र में खगोलीय पिंडों के आधार पर गणना कर जो बातें बताई जाती हैं, वे निश्चित ही शत-प्रतिशत सही हैं। बशर्ते उसका विवेचन नियमानुसार किया जाए। कार्यक्रम में डॉ चंद्रकांत शुक्ल, डॉ मोहन गोप, डॉ तारांकांत शुक्ल, डॉ मीना शुक्ल, डॉ मधुलिका वर्मा, डॉ शैलेश मिश्र, डॉ निवारण महथा, डॉ भारती द्विवेदी, जपेश बंधोपाध्याय सहित 49 शिक्षक और छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। संचालन पप्पू कुमार ने।

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  • Web Title:Sanskrit is the scientific language