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रांचीजिले के सैकड़ों शिक्षकों का वेतन रुका, निराशा

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 10:20 PM
जिले के सैकड़ों शिक्षकों का वेतन रुका, निराशा

रांची। संवाददाता

रांची जिले से हाई और प्लस टू स्कूलों के 400 से अधिक शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। जानकारी के अनुसार कोरोना ड्यूटी में शिक्षकों को लगाया गया था, जिनमें कुछ शिक्षकों ने ड्यूटी नहीं की। इसके कारण पूरे जिले से शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है।

उधर, मुख्य सचिव ने आदेश दिया है कि 25 मई तक सभी राज्यकर्मियों का वेतन दे दिया जाना है। इस मामले को लेकर झारखंड राज्य प्राथामिक शिक्षक संघ ने उपायुक्त कार्यालय को भी अवगत कराया है। शिक्षक संघ के महासचिव रवींद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जिन शिक्षकों ने ड्यूटी नहीं की, उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, जिसका जवाब 24 घंटे में देने को कहा गया था। सभी शिक्षकों ने ससमय अपना जवाब भेज दिया, लेकिन शिक्षकों के स्पष्टीकरण को देखनेवाला कोई अधिकारी ही नहीं है।

कोई पॉजिटिव था तो किसी की डबल ड्यूटी लगी थी:

रवींद्र प्रसाद ने बताया कि जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गयी थी, उनमें कुछ शिक्षक कोरोना पॉजिटिव थे। कुछ शिक्षक ड्यूटी के दौरान पॉजिटिव हुए। कुछ शिक्षकों की ड्यूटी दो-दो जगहों पर लगा दी गयी थी। जिन शिक्षकों की ड्यूटी दो जगह लगाई गई थी, उनमें से एक जगह शिक्षक ने ड्यूटी की, लेकिन दूसरी जगह अनुपस्थित मानते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया। कुछ शिक्षकों ने कोरोना पॉजिटिव होने के कारण ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। शिक्षकों ने कहा कि इसकी सूचना वरीय अधिकारी को दे दी गई थी, फिर भी उन्हें नोटिस भेजा गया। एक शिक्षक ने बताया कि ड्यूटी से एक दिन पहले मां का निधन हो गया था, लेकिन फिर भी उन्हें छुट्टी नहीं दी गई और बाद में नोटिस भेजा गया।

संघ के रांची जिला संयोजक यशवंत विजय ने कहा कि आपात स्थिति में शिक्षकों की ड्यूटी लगाया जाना सही निर्णय है, लेकिन मजबूरीवश कुछ शिक्षकों ने ड्यूटी नहीं की। इसकी सूचना दे दी गई थी, फिर भी वेतन रोका गया। यदि कुछ शिक्षकों के जवाब संतोषजनक नहीं थे, तो उनका वेतन रोका जाना चाहिए था, पूरे जिले के शिक्षकों का वेतन रोकना न्यायसंगत नहीं है।

संघ ने की मांगें:

- रोटेशन नीति के तहत शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए

- 50 से अधिक उम्र के वैसे शिक्षक, जिन्हें कोई बीमारी है, उन्हें कोरोना ड्यूटी से मुक्त रखा जाए

- ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों की ड्यूटी उनके नजदीकी प्रखंडों में दी जाए

- कोरोना ड्यूटी करनेवाले शिक्षकों को सुरक्षा किट मुहैया कराया जाए

- ड्यूटी करनेवाले शिक्षकों का 50 लाख का बीमा कराया जाए

कोट:

जिन शिक्षकों ने किसी कारण ड्यूटी नहीं की है, उनका स्पष्टीकरण मिल गया है। इसे कोषागार पदाधाकिरी को भेजा जा रहा है। वेतन निकासी में कठिनाई नहीं आएगी। जल्द ही वेतन रिलीज होगा।

- राजेश कुमार, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी

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