गलत जीवनशैली 3 में से एक भारतीय को बना रही फैटी लिवर का शिकार

हिन्दुस्तान, रांची
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बदलती जीवनशैली और जंक फूड के बढ़ते सेवन के कारण भारत में फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हर तीन में से एक भारतीय इस समस्या से प्रभावित है। विशेषज्ञों का कहना है कि असंतुलित आहार और शारीरिक गतिविधियों की कमी लिवर में चर्बी जमा होने का कारण बन रही है।

गलत जीवनशैली 3 में से एक भारतीय को बना रही फैटी लिवर का शिकार

रांची। बदलती जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतों के कारण फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हर तीन में से एक भारतीय इस समस्या से प्रभावित है, जो आगे चलकर लिवर सिरोसिस या कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। परामर्शदाता गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ अविनाश ने बताया कि फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण हमारी रोजमर्रा के खाद्य पदार्थां की आदतें हैं। उन्होंने कहा कि असंतुलित आहार व निष्क्रिय जीवनशैली लिवर में चर्बी जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर रही है। कुछ खास तरह के खाद्य पदार्थ लिवर को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

इनमें चाउमिन, बर्जर पिज्जा, अत्यधिक चीनी, तला-भुना भोजन, फास्ट फूड, डिब्बा बंद और प्रोसेस्ड फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, मैदा से बने उत्पाद और ज्यादा तेल-घी वाले व्यंजन शामिल हैं। ये सभी लिवर में फैट जमा होने को बढ़ाते हैं और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं।हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज का सेवन करेंडॉ अविनाश के अनुसार, सप्ताह में कम से कम 150 मिनट का मध्यम व्यायाम जैसे साइक्लिंग, तैराकी या जॉगिंग लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर है, तो उसे शराब से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि लिवर के लिए शराब की कोई भी मात्रा सुरक्षित नहीं होती। उन्होंने सलाह दी कि लोग अपने आहार में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन को शामिल करें। साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल जैसी सह-बीमारियों को नियंत्रण में रखना भी जरूरी है।जंक फूड लेने व शारीरिक श्रम में कमी से बढ़ रहा फैटी लिवरबदलती जीवनशैली, जंक फूड का बढ़ता सेवन और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण आजकल फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर शहरी क्षेत्रों में यह बीमारी आम होती जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार अब हर दस मरीजों में से चार से पांच लोग नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का कहना है कि चाउमिन पिज्जा बर्जर सहित जंक फूड का अधिक सेवन शरीर में अतिरिक्त फैट जमा करता है, जो धीरे-धीरे लिवर में जमा होकर फैटी लिवर की समस्या पैदा करता है। पहले यह बीमारी सिर्फ शराब पीने वालों में अधिक देखी जाती थी, लेकिन अब बिना शराब सेवन करने वाले लोगों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।मधुमेह पीड़ितों के लिए विशेष सावधानी जरूरीविशेषज्ञों के अनुसार जिन लोगों को पिछले पांच वर्षों से डायबिटीज है, उन्हें साल में कम से कम एक बार लिवर की जांच जरूर करानी चाहिए। खासकर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इस मामले में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इस उम्र में बीमारी का खतरा और बढ़ जाता है। शहरी जीवनशैली इस बीमारी के फैलने का बड़ा कारण है। दिनभर बैठकर काम करना, फास्ट फूड खाना और शारीरिक गतिविधियों की कमी से शरीर में कार्बोहाइड्रेट और फैट जमा होने लगता है। यही फैट लिवर में जाकर समस्या को गंभीर बना देता है। मोटापा और डायबिटीज से पीड़ित लोगों में इसका खतरा और अधिक होता है।फिजिकल एक्टिविटी की कमी बन रही कारणपहले लोग साइकिल चलाते थे, पैदल चलते थे और रोजमर्रा के कामों में शारीरिक मेहनत होती थी, लेकिन अब जीवनशैली पूरी तरह बदल गई है। फिजिकल एक्टिविटी कम होने से शरीर में कार्बोहाइड्रेट जमा होता है, जो बाद में फैट में बदलकर लिवर को प्रभावित करता है। डॉक्टरों के अनुसार, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और जंक फूड से दूरी बनाकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। समय-समय पर जांच कराना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है।

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