रिम्स के फिजियोथेरेपी विभाग की बदहाली से मरीज परेशान
रांची के रिम्स के फिजियोथेरेपी विभाग की स्थिति बेहद खराब है। मरीज गंदगी और दुर्गंध के बीच थेरेपी लेने को मजबूर हैं। अव्यवस्था और उपकरणों की कमी से इलाज में बाधा आ रही है। मरीजों के परिजनों ने चिंता जताई है कि संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। प्रोफेसर डॉ. शिशिर ने सुधार की प्रक्रिया की जानकारी दी।

रांची, सवांददाता । रिम्स के फिजियोथेरेपी विभाग की बदतर स्थिति मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। रोजाना इलाज के लिए आने वाले मरीज गंदगी, बदबू और अव्यवस्था के बीच थेरेपी लेने को मजबूर हैं। मरीजों के साथ आने वाले परिजनों ने कहा, इतने बड़े सरकारी अस्पताल में अव्यवस्था चिंताजनक है। बेसमेंट से निकलने वाला गंदा पानी वार्ड में फैला रहता है। इससे पूरे विभाग में दुर्गंध फैली रहती है। मरीज के परिजन ने बताया कि डॉक्टर ने नियमित फिजियोथेरेपी की सलाह दी है। लेकिन विभाग की हालत देखकर यहां रोज आना मुश्किल है। गंदगी, सीलन और टूटे-फूटे कमरे मरीजों का मनोबल भी गिरा देते हैं।
संक्रमण का डर अलग बना रहता है। विभाग में जरूरी उपकरणों की कमी भी मरीजों के इलाज में बाधा बन रही है। कई मशीनें उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में थेरेपिस्ट छोटे उपकरणों और डेमो के सहारे इलाज कर रहे हैं। इससे मरीजों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। डाइट रूम और अन्य हिस्सों में टूटे सामान, खराब मशीनें और झड़ती दीवारें विभाग की लापरवाही को वहीं बेसमेंट तक लिफ्ट नहीं पहुंचने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को अंधेरी सीढ़ियों से गुजरना पड़ता है, जहां चमगादड़ों का बसेरा है। पीआरओ रिम्स के प्रोफेसर डॉ. शिशिर ने कहा, समाधान के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द से जल्द सभी तरह के सुधार कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
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