बोले रांची: खेल के मैदान पर नशेड़ियों का कब्जा, बच्चे घरों में कैद
रांची के वार्ड संख्या 30 में स्थानीय लोगों ने सड़कों की खराब हालत और नियमित कचरा उठाव की कमी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि बरसात में जलजमाव और टूटे रास्तों के कारण बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी होती है। नगर निगम ने मरम्मत के लिए फंड की कमी बताई, जबकि लोग सुरक्षित आवागमन की मांग कर रहे हैं।

रांची, संवाददाता। हिन्दुस्तान की ओर से शुक्रवार को वार्ड संख्या 30 में बोले रांची कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय लोग शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने कहा कि वार्ड में बड़ी आबादी निवास करती है। उन्होंने कहा कि यहां डोर टू डोर कचरे का उठाव नहीं होता है। लगभग सड़कों पर कचरा पड़ा रहता है। लोग इसी से होकर आते-जाते हैं। उन्होंने कहा कि शहर में बुजुर्गों-महिलाओं के टहलने और बच्चों के खेलने की दो जगह बची है। एक सड़क और दूसरा मैदान। यहां की सड़कों पर कचरा पसरा है और मैदान में नशेड़ियों का अड्डा रहता है, जिससे परिवार वाले बच्चों को खेलने नहीं भेजते हैं।
कई बार नशेड़ियों ने बच्चों पर हमले किए। अब बच्चे घरों में कैद हो चुके हैं। शहरी क्षेत्र के नगर निकाय वार्ड संख्या-30 के लोगों का कहना है कि इलाके में सड़कों की हालत बेहद जर्जर है। इससे आए दिन स्थानीय लोग सड़क दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। हिन्दुस्तान के बोले रांची कार्यक्रम में कई लोगों ने कहा कि दो वर्षों से सड़कों की हालात जर्जर पड़ी हुई है। कई बार नगर निगम में शिकायत की गई। पदाधिकारियों ने शिकायत पर जल्द समाधान करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन नहीं बनी। कुछ समय पहले स्थानीय लोग निगम के वरीय अधिकारियों से मिले। निगम के अधिकारी ने कहा कि अभी हमारे पास मरम्मत के लिए फंड नहीं हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी लोगों को बरसात के समय होती है। इलाके में जलजमाव होने के कारण टूटी-फूटी और जर्जर सड़क पर सुबह और शाम में बुजुर्गों, महिलाओं का टहलना और बच्चों का खेलना बंद हो जाता है। खुली नालियों का पता लोगों को चल नहीं पाता है। इस वजह से लोग गंभीर दुर्घटना के शिकार बन जाते हैं। टूटी-फूटी सड़कों, गहरे गड्ढों और उखड़ी हुई सतह के कारण दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों को अत्यधिक परेशानी होती है। आए दिन बाइक सवार फिसलकर गिर जाते हैं। बुजुर्गों और बच्चों के लिए पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। लोगों का कहना है कि दो वर्ष पहले इलाके में सीवरेज निर्माण को लेकर सड़कों को तोड़ दिया गया था, तब से अभी तक सड़क नहीं बनी है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि नहीं होने की वजह से नगर निगम में हमारी बातों को समर्थन देने वाला और वरीय अधिकारियों तक बात पहुंचाने वाला कोई नहीं होता, जिससे समस्याओं का निदान नहीं होता है। कहा कि शिकायत के बाद बातचीत के दौरान निगम के अधिकारी अक्सर मरम्मत नहीं होने का कारण फंड का अभाव बता रहे हैं। नगर निगम जल्द से जल्द लोगों के सुरक्षित आवागमन करने के लिए इलाके में सड़कों की मरम्मत कराए, ताकि स्थानीय लोग सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकें। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में गेल कंपनी की ओर से भी गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी वाले पाइपलाइन बिछाने के बाद ही सड़कों को जल्द से जल्द मरम्मत करें, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। लोगों ने कहा कि इलाके में स्ट्रीट लाइट लगी हुई है, लेकिन अधिकांश लाइटें मरम्मत के अभाव में बंद पड़ी है। इस वजह से लोगों को अंधेरे में आवागमन करना पड़ रहा है। शाम होते ही लाइट नहीं होने के कारण चारों ओर अंधेरा पसरा हुआ रहता है। स्थानीय लोगों को आवागमन करने में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अंधेरे के कारण बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है। वार्ड पार्षद नहीं होने के कारण लाइट खराब पड़ी रहती है। नगर निगम में कई बार ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों प्रक्रियाओं से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उसके बावजूद किसी प्रकार की कोई करवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पिछले तीन वर्षों से जनप्रतिनिधि नहीं होने के कारण लोगों को अपने कामों को करवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। समस्याएं 1. मुहल्ले की सड़कें पाइपलाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गई, जो अब तक नहीं बनाई गई 2. वार्ड में खेलने के मैदान है, लेकिन वहां असामाजिक तत्वों का लगा रहता है अड्डा। 3. डोर टू डोर नियमित कचरा का उठाव नहीं, कई जगह डंपिंग यार्ड बन चुके 4. नालियों की न साफ और न उचित जलनिकासी की व्यवस्था गंदा पानी सड़कों पर पसरा 5. इलाके में लगभग 35 हजार की आबादी, लेकिन अटल क्लिनिक की सुविधा से वंचित सुझाव 1. नगर निगम जल्द से जल्द इलाके में जर्जर पड़ी सड़कों की मरम्मत कराए, ताकि आवागमन करने में सुविधा हो 2. प्रशासन सख्ती के साथ वार्ड में सभी जगहों पर गश्ती करे, ताकि लोग सुरक्षित रहे 3. निगम इलाके में डोर टू डोर नियमित रूप से कूड़ा का उठाव सुनिश्चित कराए, ताकि मुहल्ले में गंदगी न फैले 4. सीवरेज की व्यवस्था अविलंब दुरुस्त होनी चाहिए 5. सुगम इलाज के लिए अटल क्लिनिक खोला जाए रखीं समस्याएं नगर निकाय चुनाव नहीं होने के कारण इलाके में सड़क, नाली व पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा है। वार्ड के सभी कार्य नगर निगम के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। जिससे स्थानीय लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हर समस्या के निजात के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने रहे हैं। -दिलीप गुप्ता शाम होते ही वार्ड में कई जगहों पर असामाजिक तत्वों का अड्डा लगा रहता है। जिससे महिलाओं व लड़कियों को घर से बाहर निकलने या टहलने में परेशानी होती है। अक्सर स्थानीय लोगों के साथ चोरी और छिनतई की घटनाएं तेजी से घट रही हैं। इस वजह से शादी समारोह में गहने पहनने में भय लगा रहता है। यह बहुत ही दुखद स्थिति है। -महेश सोनी इलाके में नियमित कूड़ा उठाव नहीं होने के कारण मुहल्ले की सड़कें कचरों का डंपिंग यार्ड बन चुकी हैं। जिससे गंदगी पसरी रहती है। -रजनीकांत मिश्रा शाम होते ही इलाके में असामाजिक तत्वों का अड्डा लगना शुरू हो जाता है। जिससे शाम के बाद घरों से निकलना मुश्किल होता है। -गुड्डू नगर निगम की ओर से इलाके में कभी भी सफाई तक नहीं की जाती है। जिस कारण इलाके में गंदगी फैली हुई रहती है। -गुड्डू मिश्रा' बरसात के दौरान नालियों की साफ-सफाई नहीं होने के कारण ओवरफ्लो होकर गंदा पानी सड़कों पर पसरा हुआ रहता है। -नितिश सिंह मुहल्ले में जगह-जगह स्ट्रीट लाइट लगाई गई है, लेकिन देखरेख के अभाव में बंद पड़ी है। जिस वजह से चारों ओर अंधेरा पसरा रहता है। -राजू चौधरी
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