
बोले रांची: पीने को पानी नहीं और सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह से ठप
रांची नगर निगम के वार्ड नंबर-12 में मौलाना आजाद कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है। जलजमाव, पेयजल संकट और कचरा उठाने की व्यवस्था ठप होने से स्थानीय निवासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़कें और खराब स्ट्रीट लाइट्स भी लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं।
रांची, संवाददाता। रांची नगर निगम के वार्ड नंबर-12 अंतर्गत मौलाना आजाद कॉलोनी, गौस नगर, शांति नगर, गाढ़ा टोली और आसपास के इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। हिन्दुस्तान के बोले रांची कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने कहा कि लगभग 40 हजार की आबादी वाले इस वार्ड में जलजमाव और पेयजल का संकट है। कचरा उठाव की व्यवस्था यहां ठप पड़ी है, जिससे चारों ओर गंदगी फैली है। खराब सड़कें, अधूरी नालियां और खराब स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं। बुनियादी समस्याएं जस की तस रांची नगर निगम के वार्ड नंबर-12 की मौलाना आजाद कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में वर्षों से बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

गौस नगर जाने वाला मुख्य पुल कचरे के ढेर से जाम पड़ा रहता है। पुल के नीचे कचरा जमा होने से पानी की निकासी बाधित हो जाती है, जिससे बरसात के दौरान पानी सड़क पर बहने लगता है। इससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार बाइक और पैदल चलने वाले लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। पुल की सतह टूट चुकी स्थानीय लोगों ने कहा कि नाले पर बना पुल भी जर्जर हो चुका है। पुल की सतह टूट चुकी है और कई जगहों पर सरिया बाहर निकल आया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो नाले की सफाई होती है और न ही पुल की मरम्मत। क्षेत्र में कच्चे नाले की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। नाले की नियमित सफाई नहीं होने के कारण इसमें हर समय कचरे का अंबार लगा रहता है। घरेलू कचरा, प्लास्टिक, पॉलीथिन और गंदगी नाले में जमा होने से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। नतीजतन हल्की बारिश में ही नाला ओवरफ्लो हो जाता है और गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नाले से उठने वाली बदबू से आसपास के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारी फैलने का खतरा भी बना रहता है। क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। हफ्तों तक कचरा उठाव की गाड़ी नहीं आती है। पेयजल की स्थिति दयनीय मौलाना आजाद नगर के आठ नंबर गली से लेकर 20 नंबर गली तक कई साल पहले वाटर सप्लाई की पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन आज तक उसे मेन लाइन से नहीं जोड़ा गया। बीच-बीच में कई जगह ज्वाइंट भी अधूरे छोड़ दिए गए हैं। नतीजा यह है कि बड़ी आबादी तक सप्लाई का पानी पहुंच ही नहीं पाता। मजबूरी में समर्थवान लोगों ने बोरिंग कराई है, लेकिन अधिकतम आबादी को पानी के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्ट्रीट लाइट खराब, अंधेरे में मोहल्ला वार्ड-12 के कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हुई है, जिससे रात के समय असुरक्षा की स्थिति बनी रहती है। बिजली व्यवस्था भी खतरे से खाली नहीं है। कई जगहों पर इलेक्ट्रिक पोल नहीं होने के कारण केवल तार लटके रहते हैं। इसके साथ मौलाना आजाद कॉलोनी की सड़कें बुरी तरह टूट चुकी हैं। जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। कई स्थानों पर नाली का निर्माण ही नहीं हुआ है, जबकि जहां नालियां हैं, वहां गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही। नाली का पानी बीच में ही जमा होकर तालाब का रूप ले लेता है, जिससे आसपास के घरों में बदबू और संक्रमण का खतरा बना रहता है। शांति नगर गाढ़ा टोली की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। यह इलाका गौस नगर से सटा हुआ है। यहां बरसात के दिनों में एक से डेढ़ फिट तक पानी जमा हो जाता है। मंगल टावर के बगल वाला इलाका जलजमाव का स्थायी केंद्र बन चुका है। समस्याएं 1. नाली की व्यवस्था सही नहीं है, अधूरी नाली का निर्माण होने से जलजमाव रहता है। 2. अधूरी पाइपलाइन से इलाके में पेयजल संकट, जिससे लोग सप्लाई पानी से वंचित। 3. हफ्तों तक कचरा उठाने वाली गाड़ी नहीं आती, निगम की सफाई व्यवस्था ठप पड़ी है। 4. मौलाना आज़ाद कॉलोनी सहित कई इलाकों की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। 5. बिजली के पोल नहीं होने के कारण बांस के सहारे बिजली के तार हैं, जो नीचे लटके रहते हैं। सुझाव 1. गौस नगर पुल और शांति नगर गाढ़ा टोली में तत्काल नाली सफाई की योजना बनाई जाए। 2. क्षेत्र में पानी की सप्लाई के लिए पाइपलाइन को तुरंत मेन लाइन से जोड़ा जाना चाहिए। 3. प्रतिदिन कचरा उठाव और नालियों की सफाई की व्यवस्था लागू की जाए। 4. जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण हो और सभी खराब स्ट्रीट लाइटों को तुरंत दुरुस्त किया जाए। 5. जहां पोल नहीं हैं, वहां नए पोल लगाकर तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर किया जाए। रखीं समस्याएं गौस नगर जाने वाला पुल हमारी सबसे बड़ी परेशानी बन चुका है। पुल के नीचे इतना कचरा जमा रहता है कि बरसात में पानी सड़क पर बहने लगता है। कई बार लोग फिसलकर गिर चुके हैं। नगर निगम में कई बार शिकायत दी, लेकिन सफाई सिर्फ दिखावे के लिए होती है। अगर समय पर कचरा हटे और नाले की सफाई हो, तो आधी समस्या खुद खत्म हो जाएगी। -कुलभूषण डुंगडुंग पानी की समस्या ने जीना मुश्किल कर दिया है। पाइपलाइन बिछी हुई है, लेकिन आज तक उसमें पानी नहीं आया। गर्मी में हालत और खराब हो जाते हैं। हर घर नल जल योजना सिर्फ कागजों में है। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा। क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी खराब है। क्षेत्र में नाले पर बना पुल भी जर्जर स्थिति में है। -हाजी शाहिद आलम बरसात के दिनों में शांति नगर गाढ़ा टोली तालाब बन जाता है। मंगल टावर के पास घुटनों तक पानी भर जाता है। नाली व सड़क ठीक हो। -अहमद राजा साफ-सफाई की हालत बहुत खराब है। कई-कई दिनों तक कचरा उठाने वाली गाड़ी नहीं आती। नालियों में गंदा पानी जमा रहता है। -एहतेशाम अंसारी रात में स्ट्रीट लाइट खराब रहने से असुरक्षा का माहौल रहता है। कई गलियां अंधेरे में डूबी रहती हैं। चोरी और छिनतई का डर बना रहता है। -इरशाद नाली का पानी घर के सामने जमा रहता है। सड़क और नाली की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। -जफर खान पाइपलाइन अधूरी छोड़ दी गई है। गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं, जिससे सड़क और खराब हो गई है। प्रशासन को इसपर पहल करनी चाहिए। -मो अजरूद्दीन नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। गंदा पानी जमा रहता है, जिससे बदबू फैलती है। वार्ड में योजनाओं की मॉनिटरिंग नहीं होती। -मो इम्तियाज प्रशासन की ओर से स्थानीय स्तर पर निगरानी समिति बने और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो, तो हालात सुधर सकते हैं। -मो रूस्तम कचरा उठाव नियमित नहीं होने से क्षेत्र में गंदगी फैली रहती है। निगम को कम से कम रोजाना सफाई की व्यवस्था करनी चाहिए। -मो जग्गू बिजली के लटकते तार सबसे बड़ा खतरा है। बरसात में कई बार करंट फैलने की आशंका रहती है। विभाग को तुरंत नए पोल लगाने चाहिए। -रफी अहमद खान सड़क, पानी और बिजली हर समस्या जस की तस है। बरसात में गाड़ी निकालना जोखिम भरा हो जाता है। पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देते। -मो शाहिद नालियों का पानी घर के सामने जमा रहता है। बदबू की वजह से खिड़की-दरवाजा खोलना मुश्किल हो जाता है। समाधान बहुत जरूरी है। -मो सलाम अंसारी काम तो होता है, लेकिन अधूरा छोड़ दिया जाता है। न नाली पूरी होती है, न सड़क। साफ पानी, अच्छी सड़क बुनियादी अधिकार है। -मोहम्मद जैन

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