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बोले रांची: कचरा नहीं उठने से कुत्तों का आतंक, बीच सड़क पर पोल

बोले रांची: कचरा नहीं उठने से कुत्तों का आतंक, बीच सड़क पर पोल

संक्षेप: रांची के न्यू पुंदाग में नागरिकों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी के खिलाफ आवाज उठाई है। क्षेत्र में नियमित कचरा उठाव नहीं हो रहा है, सड़कें जर्जर हैं और बिजली के पोल दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। नागरिकों ने निगम से सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है ताकि मच्छरों और बीमारियों से राहत मिल सके।

Sat, 8 Nov 2025 01:24 AMNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची, संवाददाता। हिन्दुस्तान की ओर से वार्ड 36 स्थित न्यू पुंदाग में बोले रांची कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि करीब 10 हजार से अधिक की आबादी यहां रह रही है, लेकिन सफाई, सड़क, बिजली और जलापूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं चरमराई हुई हैं। क्षेत्र में नियमित कचरा उठाव नहीं होता। फॉगिंग का अभाव है। नालियां जाम हैं। सड़क के बीच में बिजली के पोल दिए गए हैं, जिससे हादसे हो रहे हैं। तार खुले पड़े हैं। बरसात के दिनों में जलजमाव रहता है। अभी गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप है। नागरिकों ने निगम और विभागों से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

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बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक रांची नगर निगम की उदासीनता का खामियाजा इन दिनों न्यू पुंदाग के भास्कर पथ के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। राजधानी के विकसित माने जाने वाले इस इलाके में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। लगभग 10 हजार से अधिक की आबादी इस क्षेत्र में निवास करती है, लेकिन नगर निगम की ओर से नियमित कचरा उठाव और सड़क रखरखाव जैसी मूलभूत सेवाएं लगभग ठप हैं। कचरा देने में परेशानी स्थानीय नागरिकों ने हिन्दुस्तान के बोले रांची कार्यक्रम में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ी 10-15 दिन में मुश्किल से एक-दो बार आती है। वह भी किसी तय समय पर नहीं आती। कभी सुबह तो कभी दोपहर में गाड़ी पहुंचती है, जिससे लोगों को अपने घरों से कचरा देने में परेशानी होती है। कई बार तो गाड़ी मेन रोड से ही चली जाती है। लोगों का कहना है कि कचरा वाहन की अनियमितता के कारण लोग सड़क किनारे फेंकने को मजबूर हो हैं। इससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल जाती है और मच्छरों की भरमार हो जाता है। बरसात के दिनों में यही कचरा नालियों में बहकर जलजमाव और गंदगी की समस्या को और बढ़ा देता है। सिविक सेंस की कमी से समस्या और बढ़ी कई लोगों ने माना कि निगम की लापरवाही के साथ-साथ कुछ स्थानीय निवासियों में सिविक सेंस की कमी भी समस्या को बढ़ा रही है। कचरा गाड़ी नहीं आने पर कई लोग खुले में कचरा फेंक देते हैं, जबकि उन्हें अस्थायी रूप से अपने घर में ही सुरक्षित रखना चाहिए। न्यू पुंदाग के भास्कर पथ क्षेत्र में नियमित कचरा उठाव नहीं होने के कारण सड़कों और गलियों में कचरे के ढेर लगे हैं। यह कचरा सड़कर बदबू फैलाती है। यह मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बन गया है। दिन ढलते ही मच्छरों की भरमार से लोग घरों में भी चैन से नहीं रह पा रहे। बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा बच्चों और बुजुर्गों में डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि निगम की लापरवाही के कारण क्षेत्र में गंदगी की स्थिति भयावह हो चुकी है। कचरे से न केवल वातावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि यह स्वास्थ्य संकट का रूप लेता जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में रोजाना कचरा उठाव और नियमित फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मच्छरों की समस्या से राहत मिल सके। होल्डिंग टैक्स की वसूली, पर फॉगिंग तक नहीं स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर निगम नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स वसूलता है, लेकिन इसके बदले में कोई बुनियादी सुविधाएं नहीं देता। क्षेत्र में कभी फॉगिंग मशीन नहीं चली, जिससे मच्छरों की भरमार हो गई है। लोगों का कहना है कि फॉगिंग की व्यवस्था केवल कागजों पर ही दिखाई देती है। निगम के अधिकारी सिर्फ टैक्स वसूली के वक्त ही सक्रिय नजर आते हैं, बाकी समय क्षेत्र की सुध लेने कोई नहीं है। लोगों ने कहा कि निगम की सफाई टीम सिर्फ औपचारिकता निभाती है। कभी-कभी सिर्फ मुख्य सड़क से थोड़ा कचरा उठा लिया जाता है, जबकि गलियों और अंदरूनी इलाकों में कचरा महीनों तक जमा रहता है, जिससे आवागमन में भी परेशानी होती है। समस्याएं 1. चारों ओर कचरे के ढेर से क्षेत्र में मक्खियों और मच्छरों का प्रकोप बढ़ा, संक्रमण का खतरा। 2. नगर निगम द्वारा होल्डिंग टैक्स वसूली के बावजूद फॉगिंग की सुविधा नहीं। 3. सरकारी पेयजल आपूर्ति का अभाव, निजी बोरिंग खराब होने पर भारी परेशानी। 4. सड़क के बीच लगे बिजली पोल और खुले हाई टेंशन वायर से दुर्घटना का खतरा। 5. नाली जाम और आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों की दिनचर्या हो रही प्रभावित। सुझाव 1. दैनिक कचरा उठाव और सप्ताह में दो बार फॉगिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए। 2. निगम द्वारा सरकारी पेयजल पाइपलाइन और सार्वजनिक नल की स्थापना की जाए। 3. बिजली पोल को सड़क किनारे स्थानांतरित कर सभी तारों को व्यवस्थित किया जाए। 4. नालियों की सफाई नियमित रूप से कर जलनिकासी की ठोस व्यवस्था की जाए। 5. आवारा कुत्तों को पकड़कर और नसबंदी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। :: किसने क्या क्या कहा :: न्यू पुंदाग भास्कर पथ में कचरा 15 दिन में एक बार उठता है। सड़क पर ढेर लगे हैं। निगम टैक्स लेता है पर फॉगिंग नहीं करता। सड़क के बीच में पोल होने के कारण बड़ी गाड़ी आने में परेशानी होती है। क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक है। अप्रोच रोड गड्ढों से भरी है, बाइक फिसलती है। खुले तारों से करंट का खतरा है। हमारी मांग है रोज कचरा उठाव, फॉगिंग, नाली सफाई हो। -अमित सिंह हर गली में कचरे के ढेर लगे हैं। फॉगिंग मशीन कभी नहीं आती। निगम के कर्मचारी केवल टैक्स लेने के समय दिखाई देते हैं। कचरा उठाने की गाड़ी आती भी है तो बिना सूचना के। महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है, क्योंकि घरों में दुर्गंध बनी रहती है। हम चाहते हैं कि निगम रोजाना सफाई कराए और गलियों में फॉगिंग अनिवार्य रूप से करवाए। -शाम देवी बिजली का पोल बीच सड़क पर लगा है, जिससे बड़े वाहनों के आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। -बिमल कुमार नगर निगम की लापरवाही से पूरा इलाका बीमारी का घर बन सकता है। कचरा नहीं उठता, सड़कों पर गंदगी का अंबार है। -लीला देवी निगम टैक्स वसूलता है लेकिन सुविधा शून्य हैं। क्षेत्र में एक भी सरकारी पेयजल सुविधा नहीं है। सभी ने निजी बोरिंग करा रखी है। -अमित भगत निगम के सफाई कर्मी की जिम्मेदारी तय नहीं है। गली में महीनों से कचरा पड़ा है। लोगों को मजबूरी में सड़क किनारे फेंकना पड़ता है। -महावीर प्रसाद क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक फैला है। निगम को इन कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाना चाहिए। साथ ही, कचरा हटाने का काम हो। -रूबी कुमारी फॉगिंग मशीन तो जैसे इस इलाके का रास्ता भूल गई है। निगम अगर रोजाना सफाई और फॉगिंग शुरू कर दे, तो बड़ी राहत मिलेगी। -प्रहलाद महतो कचरा गाड़ी जब मन हुआ तब आती है। सड़क के बीच बिजली का पोल लगा है, जिससे दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। -प्रीति भगत हमारे इलाके में सफाई नाम की चीज नहीं है। टैक्स चुकाने के बावजूद हमें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं। कचरा उठाव तक नहीं होता। -पूनम सिंह निगम के पास सफाई की कोई ठोस योजना नहीं है। आवारा कुत्ते दिन-रात लोगों का पीछा करते हैं। निगम क्षेत्र का निरिक्षण कर सफाई सुधारे। -अनिता कुमारी रोड नंबर 7 में बिजली का पोल बीच में है। क्षेत्र में कुत्तों का आतंक है। चलती बाइक पर झपटा मारने से दुर्घटना होती है। अप्रोच रोड टूटी है। -मंटू कुमार भास्कर पथ अब घनी आबादी वाला क्षेत्र बन चुका है, लेकिन निगम यहां न नियमित सफाई करती है, न ही पेयजल सुविधा है। -प्रेमा कुमारी घर में निजी बोरिंग है, खराब हो जाए तो पूरा परिवार परेशान हो जाता है। सरकारी पाइपलाइन या टंकी की सुविधा होनी चाहिए। -अमिता महतो