बोले रांची: जलापूर्ति का इंतजार, कचरे का अंबार
कैलाश नगर, किशोरगंज में रहने वाले स्थानीय लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। कचरे का डोर टू डोर उठाव नहीं हो रहा है, जिससे लोग सड़कों पर कचरा फेंकने को मजबूर हैं। क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों के कारण लोग अपने बच्चों को बाहर नहीं भेजना चाहते। उन्होंने प्रशासन से नियमित गश्ती और साफ-सफाई की मांग की है।

रांची, संवाददाता। हिन्दुस्तान अखबार की ओर से किशोरगंज स्थित कैलाश नगर में बोले रांची कार्यक्रम में हुआ, जिसमें स्थानीय लोग शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने कहा कि यहां पांच हजार से अधिक की आबादी रहती है। सबसे बड़ी समस्या है कि डोर टू डोर कचरे का उठाव नहीं होता। लोग सड़कों के किनारे कचरा फेंकने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि निगम सड़क पर कचरा फेंकने पर कार्रवाई की बात कहता है, लेकिन डोर टू डोर कचरा का उठाव नहीं होने पर घर में लोग कब तक रखेंगे। उन्होंने कहा कि पूरी आबादी खुद की बोरिंग पर निर्भर है। गर्मी का दिन आने वाला है।
ऐसे में पेयजल संकट की समस्या होगी। शहरी क्षेत्र के किशोरगंज स्थित कैलाश नगर में रहने वाली पांच हजार से अधिक की आबादी पिछले कई वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी होने के कारण काफी परेशान है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की ओर से इलाके में बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने से स्थानीय महिला, पुरुष व बच्चे परेशान हैं। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित बोले रांची कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने कहा कि मुहल्ले की शिकायत को लेकर कई बार नगर निगम में लिखित शिकायत की गई है, लेकिन किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई है। वर्तमान समय में भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। मैदान नहीं, बच्चे घरों में कैद इलाके में बच्चों के खेलने के लिए मैदान की सुविधा नहीं है। शाम होते ही सभी जगहों पर असामाजिक तत्वों का अड्डा लगाना शुरू हो जाता है। इस वजह से स्थानीय लोग अपने बच्चों को घरों से बाहर खेलने तक जाने नहीं देना चाहते हैं। अक्सर लोगों के अंदर लड़ाई-झगड़े जैसी गतिविधियों के होने का डर बना हुआ रहता है। लोगों को कहना है कि शहर में आए दिन दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी जा रही है। चोरी व छिनतई जैसी घटनाएं भी बढ़ी हैं। इस वजह से बच्चों को अपने इलाके में ही कम दायरे वाली जगहों पर ही खेलना पड़ता है। लोगों का कहना है कई लोग किराए के घर पर रहते हैं, जिससे अक्सर मकान मालिकों से भी उन्हें बात सुननी पड़ती है। उनका कहना है कि बच्चे कहां खेलने के लिए जाए। लोगों ने बताया कि इस संबंध में पुलिस प्रशासन के पास भी लिखित आवेदन दिया गया है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। लड़कियों व महिलाओं के साथ छेड़खानी क्षेत्र में कई गली-मुहल्लों में शाम के बाद शराबखोरी, गाली-गलौज और छेड़खानी जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। शाम के वक्त कोचिंग संस्थान और कामकाज से वापस लौटने के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा खुलेआम सड़क किनारे बैठकर शोर-शराबा करना, आने–जाने वाले लोगों पर कुछ न कुछ व्यंग्य करना और डराने-धमकाने जैसी हरकतें की जाती हैं। इससे सभी के अंदर डर का माहौल बना रहता है। कई लोग शाम के बाद बच्चों और परिवार के सदस्यों को अकेले बाहर भेजने से कतराने लगे हैं। इस समस्या का एक बड़ा कारण क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की कमी है। गली-मुहल्लों में प्रशासन की ओर से नियमित गश्ती नहीं होती है। कई गलियों में लाइटें खराब पड़ी हैं या लगी ही नहीं हैं, जिससे अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व बैठे रहते हैं। अंधेरे और सुनसान माहौल के कारण चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों की मांग है कि शाम और रात के समय पुलिस की नियमित रूप से बाइक पेट्रोलिंग की व्यवस्था कराई जाए। समस्याएं 1. वार्ड की नालियों की साफ-सफाई नहीं होती, स्लैब से भी नहीं ढका गया 2. मुहल्ले की सभी सड़कें जर्जर और गड्ढों से भरी पड़ी, रात के अंधेरे में होते हैं हादसे 3. क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइट कई जगहों पर खराब पड़ी 4. प्रशासन की ओर से कई इलाके में गश्ती नहीं की जाती 5. कूड़े का उठाव नियमित रूप से नहीं किया जाता, निगम जुर्माना लगता है, ऐसे में कचरे को कितने घरों में रखें सुझाव 1. नालियों की नियमित रूप से साफ-सफाई कर उसे स्लैब से ढकने का काम किया जाए 2. सभी सड़कों की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि आवागमन सुगम हो सके 3. इलाके में लगी सभी स्ट्रीट लाइटों की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए 4. पुलिस प्रशासन इलाके में नियमित रूप में गश्ती करे 5. नगर निगम डोर टू डोर कूड़ा का नियमित उठाव कराए तो सड़क पर कचरे नहीं होंगे रखीं बातें किशोरगंज स्थित कैलाश नगर में रहने वाली लगभग हजारों की आबादी पिछले कई वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जूझ रही है। इलाके की नालियां खुली हुई हैं। नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण नालियां ओवरफ्लो होकर खुलेआम सड़कों पर बहता रहता है। नालियों को स्लैब से ढका जाए और नियमित सफाई हो। -प्रदीप चौधरी अब तक नल घर योजना का लाभ नहीं मिला है। वर्तमान में यहां रहने वाले लोग स्वयं की कराई गई बोरिंग पर ही निर्भर हैं। गर्मी के दिनों में जलस्तर नीचे चले जाने की वजह से लोगों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नगर निगम सभी घरों में पाइपलाइन तक की व्यवस्था कराए। -दुर्गो टोप्पो नालियों के खुले होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में पानी ओवर फ्लो हो जाता है। -रमेश नगर निगम की ओर से डोर टू डोर कूड़ा का उठाव नहीं किया जाता है। इस वजह से इलाके में चारों ओर कूड़ा पसरा हुआ रहता है। -राजू चौधरी क्षेत्र में सड़कों की स्थिति बेहद ही खराब और जर्जर पड़ी हुई है। कई जगहों पर तो बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। - दिलीप पांडे वार्ड में जगह-जगह लगी स्ट्रीट लाइट देखरेख के अभाव में बंद पड़ी है। नगर निगम जल्द से जल्द इनकी मरम्मत कराए। -सुमन सिन्हा राशन मिलता है, लेकिन वजन में पारदर्शिता की काफी कमी है। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सही से राशन तक नहीं मिल पाता है। -अशोक मिश्रा शाम होते ही इलाके में जगह-जगह असामाजिक तत्वों का अड्डा लगा रहता है। स्थानीय लोगों को आवागमन में भी परेशानी होती है। -शंकर
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