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रांची21 साल के ऑटो चालक रवि संक्रमितों को नि:शुल्क पहुंचा रहे अस्पताल

हिन्दुस्तान टीम,रांचीPublished By: Newswrap
Fri, 23 Apr 2021 08:20 PM
21 साल के ऑटो चालक रवि संक्रमितों को नि:शुल्क पहुंचा रहे अस्पताल

रांची। वरीय संवाददाता

कोरोना काल में जहां अपने साथ छोड़ दे रहे हैं, वहीं रांची का एक युवा ऑटो चालक रवि (21 साल) कोविड मरीजों को नि:शुल्क अस्पताल पहुंचा रहा है। रवि ने अपना मोबाइल नंबर ऑटो पर चिपकाने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है। लोगों की मदद के लिए वह हमेशा तैयार है। 7 दिन में उसने 18 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया है। इनमें से कुछ लोगों ने तो उन्हें देर रात में कॉल कर भी मदद मांगी। इसके बावजूद रवि ने किसी को इनकार नहीं किया।

ऑटो चलाने के साथ रवि रांची के रामलखन सिंह कॉलेज में बीकॉम थर्ड इयर का छात्र है। रवि का कहना है कि अगर मेरी थोड़ी-सी कोशिश से किसी की जान बच सकती है, तो इस कोशिश से क्यों भागना? दूसरे राज्यों की तरह झारखंड भी कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है। यहां अप्रैल में ही एक दिन में मिलने वाले नए मरीज 10 गुना से ज्यादा बढ़ गए हैं। इस वजह से सरकार ने यहां एक हफ्ते का लॉकडाउन लगा दिया है। इस वक्त लोग जहां घरों में कैद हैं, वहीं मरीज और उनके परिवार सड़कों पर परेशान घूम रहे हैं। ऐसे हालात में रवि खुद की परवाह किए बिना संक्रमितों की मदद कर रहे हैं।

महिला मरीज को गिड़गिड़ाते देख मदद की ठानी:

रवि बताते हैं कि 15 अप्रैल को तपती दोपहरी में कोरोना से संक्रमित 55 साल की एक महिला मदद के लिए लोगों के सामने गिड़गिड़ा रही थी। उसे हॉस्पिटल जाना था, लेकिन डर की वजह से कोई मदद के लिए तैयार नहीं था। 21 साल के रवि का दिल महिला की हालत देखकर पसीज गया। उन्हें अपने ऑटो बिठाकर हॉस्पिटल पहुंचाया। इस घटना ने रवि को एक मकसद दे दिया। अब वे कोरोना संक्रमितों को मुफ्त में हॉस्पिटल छोड़ते हैं, ताकि उनका समय से इलाज हो सके।

ऑटो चलाकर और अखबार बेचकर पढ़ाई का खर्च निकालते हैं:

रवि बताते हैं कि वे ऑटो चलाने के साथ सुबह अखबार बेचने का काम करते हैं। ऑटो से होने वाली कमाई से उनके घर का खर्च चलता है। जबकि, अपनी पढ़ाई पर होने वाला खर्च वे अखबार बेचकर कमाते हैं। रवि ने बताया कि उनके घर वालों को चिंता होती है कि अगर वह संक्रमित हो जाएगा तो क्या होगा? परिवार को परेशानी न हो, किसी तक संक्रमण न पहुंचे, इसे ध्यान में रखते हुए वह सुबह निकलने के बाद सीधे रात में घर जाते हैं।

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