रनिया में जंगली हाथियों सब्जी फसलें रौंदी,

Apr 07, 2026 06:02 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
share

रनिया थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीण भयभीत हैं। हाथियों ने बोंगतेल गांव में किसानों की फसलें बर्बाद कीं, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही का आरोप लगाया है और समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

रनिया में जंगली हाथियों सब्जी फसलें रौंदी,

रनिया, प्रतिनिधि। रनिया थाना क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। सोमवार की रात करीब 12 जंगली हाथियों का दल जयपुर, टालडा, ब्लंकेल जालांगाटोली सहित कई गांवों में घूमता रहा। हाथियों की मौजूदगी से दहशत में आए ग्रामीण पूरी रात मशाल, टॉर्च और अन्य साधनों के सहारे उन्हें गांव से बाहर खदेड़ने में जुटे रहे। बोंगतेल गांव में फसलों को भारी नुकसान:देर रात हाथियों का झुंड बोंगतेल गांव पहुंचा, जहां उन्होंने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। हाथियों ने सुनील कण्डुलना, घसिया कण्डुलना, दिलबर कण्डुलना, कैलाश सिंह, मुंलेश्वर सिंह, बीरबल सिंह और जॉन कण्डुलना समेत कई किसानों के खेतों में लगी प्याज, लहसुन, बोदी, नैनुवा और करैला जैसी सब्जियों को रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दिया।

इस दौरान ग्रामीण असहाय होकर सिर्फ मूकदर्शक बने रहे।रातभर मशक्कत के बाद खदेड़े गए हाथी:ग्रामीणों ने काफी प्रयासों के बाद हाथियों के झुंड को उलुंग गांव होते हुए कोयल नदी पार कर महाबुवांग थाना क्षेत्र की ओर खदेड़ने में सफलता पाई। हालांकि इस दौरान लोगों को भारी जोखिम उठाना पड़ा और पूरी रात जागकर निगरानी करनी पड़ी।किसानों के सामने आर्थिक संकट:सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो तबाही का मंजर देखकर उनके चेहरे पर मायूसी छा गई। किसानों का कहना है कि उन्होंने महिला समूहों से कर्ज लेकर और कड़ी मेहनत से सब्जी की खेती की थी, जो अब तैयार होने की स्थिति में थी। फसल बर्बाद होने के बाद अब उन्हें कर्ज चुकाने और नुकसान की भरपाई की चिंता सता रही है।वन विभाग पर लापरवाही का आरोप:ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से हाथियों के आतंक को रोकने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। लगातार हो रहे नुकसान के बावजूद समय पर कोई मदद नहीं मिल रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।सूचना साझा करने के लिए ग्रामीणों ने बनाया व्हाट्सएप ग्रुप:हाथियों के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसके माध्यम से रोज शाम को हाथियों की गतिविधियों की जानकारी साझा की जाती है। इससे लोग सतर्क रहते हैं और समय रहते उन्हें गांव से दूर भगाने का प्रयास करते हैं। ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।