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रांची विश्वविद्यालय आज मनाएगा 57वां स्थापना दिवस, कई उपलब्धियां हाथ आईं, नए की तैयारी

रांची विश्वविद्यालय ने 57 वर्षों का सफर पूरा कर लिया है। 12 जुलाई 1960 में स्थापित रांची विश्वविद्यालय का यह सफर चुनौतियों भरा रहा है। आधारभूत संरचना का अभाव, शिक्षकों की कमी जैसी तमाम समस्याओं के बीच रांची विश्वविद्यालय ने कई उपलब्धियां हासिल कीं। खासकर वर्ष 2016-17 में विश्वविद्यालय के हिस्से कई उपलब्धियां आईं। नौ वर्षों के बाद छात्रसंघ चुनाव कराए गए। पहली बार रांची विश्वविद्यालय का नैक मूल्यांकन हुआ, इसमें बी प्लस प्लस रैंक हासिल करनेवाला यह राज्य का अकेला विश्वविद्यालय है। लगभग तीन वर्ष के बाद इस वर्ष 20 जून को सीनेट की सामान्य बैठक हुई। विश्वविद्यालय और कॉलेजों में ऑनलाइन नामांकन, रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू की गई। इसके साथ ही स्नातक स्तर पर सीबीसीएस पैटर्न इसी शैक्षणिक सत्र से लागू किया गया है। इसके लिए शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए संविदा आधारित सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। कुल मिलाकर विश्वविद्यालय ने अपने अब तक के सफर में काफी उतार चढ़ाव देखा है। इसके तहत 15 अंगीभूत और 57 एफिलिएटेड कॉलेज हैं। इतने लंबे-चौड़े विस्तार के बावजूद विश्वविद्यालय देश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों अपनी जगह बनाने से चूकता रहा। वजह के तौर पर संसाधनों की कमी, शिक्षकों व आधारभूत संरचना का भारी अभाव प्रमुख रहे। फिलवक्त लगभग एक लाख छात्र-छात्राएं यहां से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के पास न तो वाई-फाई एकेडेमिक कैंपस है और न स्पोर्ट्स ग्राउंड। यहां तक कि छात्र राजनीति की पौध तैयार करनेवाले छात्रसंघ चुनाव भी 2007 के बाद सीधे 2016 में हुए। शिक्षकों के 300 से अधिक पद रिक्त हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के लिए यूजी/पीजी कोर्स में सीबीसीएस पैटर्न लागू करने की भी चुनौती है। 12 जुलाई 1960 में शुरू हुआ सफररांची विश्वविद्यालय की स्थापना 12 जुलाई 1960 में हुई। उस वक्त 10 पीजी विभाग, एक अंगीभूत कॉलेज (रांची कॉलेज) और 20 एफिलिएटेड कॉलेज इसके तहत थे। वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय के तहत 22 पीजी विभाग, 15 अंगीभूत कॉलेज और 57 एफिलिएटेड कॉलेज हैं। इसके अलावा मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ, साइकियाट्री, बिजनेस मैनेजमेंट के संस्थान भी हैं। विश्वविद्यालय के 14 पीजी विभागों में सेकेंड शिफ्ट की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। साथ ही, तीन कॉलेजों- रांची कॉलेज, वीमेंस कॉलेज और केओ कॉलेज गुमला में दो वर्षीय बीएड कोर्स उपलब्ध है। इसके तहत चार ऑटोनॉमस कॉलेज व तीन सीपीई (कॉलेज विद पोटेंशियल फॉर एक्सीलेंस) कॉलेज हैं।

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  • Web Title:Ranchi University To Celebrat Its 57th Foundation Day