DA Image
28 जनवरी, 2021|4:29|IST

अगली स्टोरी

नववर्ष पर आरती और प्रार्थना में डूबी रही रांची

नववर्ष पर आरती और प्रार्थना में डूबी रही रांची

रांची। वरीय संवाददाता

राजधानी में शुक्रवार को सनातनी समाज के लोगों ने पूजा-अर्चना के साथ नए साल का स्वागत किया। रांची में वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर अप्रैल माह से शुरू हुए लॉक डाउन के बाद यह पहला मौका था, जब मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। शहर के कई प्रमुख मंदिरों में 10 माह बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु की भीड़ दिखी।

मंदिरों में भक्तों को अराध्य देवी-देवता के दर्शन के लिए घंटों तक कतार में लगे रहना पड़ा। अकेले पहाड़ी मंदिर में दिन भर पहाड़ी बाबा का जलाभिषेक करने वालों का तांता लगा रहा। नव वर्ष पर सनातनी समाज के लोगों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना के साथ सभी की कोरोना संक्रमण से रक्षा की प्रार्थना की।

हालांकि, पूजा के दौरान कई बार भक्तों की भीड़ बेकाबू दिखी और सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ। वहीं, कोरोना से बेखौफ बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क के ही मंदिरों में पूजा के लिए पहुंचे थे। मंदिर कमेटी की ओर से चेहरे पर मास्क लगाने का आग्रह भी इस दौरान बेअसर दिखा।

शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं का लगा रहा तांता :

नववर्ष पर शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। आलम यह रहा कि सभी मंदिर पूजा करने वालों से अटे रहे। सुबह छह बजे से ही भक्त स्नान-ध्यान कर सबसे पहले भगवान के दर्शन को मंदिरों के लिए निकले। सुबह आठ बजे से मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतार लगने का क्रम शुरू हुआ। यह क्रम दिन के 12 बजे मंदिर पट बंद होने तक जारी रहा। वहीं, कई मंदिर दर्शन और पूजा के लिए दिनभर खुले रहे। भक्तों ने पूजा-अर्चना के बाद आरती में भागीदारी निभाई। बड़ी संख्या में लोगों ने अराध्य देवी-देवता को पुष्प और माला अर्पित कर दया धर्म का दान मांगा।

पहाड़ी बाबा को जलाभिषेक के लिए लगी भीड़ :

पहाड़ी मंदिर में 50 हजार से अधिक शिव भक्तों ने पहाड़ी बाबा का जलाभिषेक किया। सुबह छह से दिन के एक बजे तक करीब 40 हजार लोग बाबा को जल अर्पित कर चुके थे। शाम पांच बजे तक मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की संख्या 50 हजार के पार जा चुकी थी। श्रद्धालुओं ने आधार और शीर्ष स्थित शिवालय पर पहाड़ी बाबा को जल चढ़ाया। जो लोग शरीर से कमजोर थे, उन्होंने आधार तल स्थित शिवालय में पूजा की। मंदिर में बड़ी संख्या में लोग परिवार के सदस्यों के साथ पहुंचे थे। शाम में मंदिर कमेटी और भक्त मंडली की ओर से बाबा का सुगंधित फूलों से मनोहारी शृंगार हुआ।

जगन्नाथपुर मंदिर पहुंचे 10 हजार से अधिक श्रद्धालु :

एचईसी के जगन्नाथपुर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भी जगत नियंता के दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। भीड़ का आलम यह था कि मंदिर के मुख्य द्वार से नीचे काफी दूर तक श्रद्धालुओं की कतार लगी हुई थी। मंदिर न्यास की ओर से श्री जगन्नाथ स्वामी के दर्शन के बाद भक्तों को जल्दी से बाहर निकलने का आग्रह किया जाता रहा। पूजा के बाद मंदिर के आसपास के लोकेशन में परिवार के साथ आए लोग सेल्फी लेते और खुशियां मनाते दिखे। मंदिर के पुजारी मनोज तिवारी ने बताया कि निर्धारित अवधि में करीब 10 हजार भक्तों ने पूजा-अर्चना की।

श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर :

रातू रोड स्थित श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में सुबह में जगत नियंता के विश्वरूप दर्शन के बाद मंदिर के पट खुले। इसके बाद बड़ी संख्या में भक्तों ने दैनिक पूजा-अर्चना में भागीदारी निभायी। अर्चक सत्यनारायण गौतम और गोपेश आचार्य ने श्री विष्णु सहस्त्रनाम जाप के साथ पुष्प, कुमकुम की अर्चना की। श्रद्धालुओं ने पूजा के बाद सामर्थ्य के मुताबिक हुंडी में दान किया। मंदिर कमेटी के रामअवतार नारसरिया ने बताया कि समाजिक दूरी का पालन करते हुए भक्तों को पूजा की व्यवस्था की गयी थी। मंदिर व्यवस्था से जुड़े रंजन सिंह ने बताया कि भीड़ बढ़ने पर परिक्रमा की मनाही रही।

प्राचीन मां काली मंदिर :

शहर के मेन रोड में चर्च रोड स्थित प्राचीन मां काली मंदिर में भी सुबह से पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की कतार लगी रही। यह क्रम दिन के 12 बजे तक चला। बड़ी संख्या में यहां भी श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर नए साल के पहले दिन की शुरुआत की।

पुंदाग साईंधाम और मंदिर में भीड़ जुटी :

पुंदाग स्थित साईंधाम और श्री साईं मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने साईं बाबा के दर्शन कर मनोवांछित फल की कामना की। मंदिर में 10 माह के बाद सबसे ज्यादा संख्या में भक्त पूजा के लिए पहुंचे थे। श्री साईंधाम मंदिर कमेटी की ओर से थर्मल स्कैनर समेत मास्क की व्यवस्था की गयी थी। इसके अलावे शहर के रातू रोड स्थित मां दुर्गा मंदिर, दक्षिणेश्वर बजरंग बली मंदिर, महावीर चौक में श्री गणेश और महावीर मंदिर, मेन रोड में संकट मोचन हनुमान मंदिर, रिम्स चौक स्थित देवी भगवती मंदिर, किशोरगंज देवी मंदिर, चुटिया में प्राचीन श्रीराम मंदिर, केतारी बागान में इक्कीसो महादेव मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Ranchi immersed in aarti and prayers on new year