
प्रमाणपत्र के आवेदन बिना कारण खारिज किया तो प्रज्ञा केंद्रों पर होगी कार्रवाई
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सीएससी और वीएलई के साथ बैठक में प्रज्ञा केंद्रों के अपग्रेडेशन की रणनीति साझा की। उन्होंने सेवाओं को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। केंद्रों को हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल पेमेंट गेटवे से लैस करने का निर्देश दिया गया।
रांची, विशेष संवाददाता। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (वीएलई) के साथ बैठक की। इसमें प्रज्ञा केंद्रों (सीएससी) को अपग्रेड कर लोगों को अधिक सुलभ, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं कराने की रणनीति के बारे में बताया गया। डीसी ने प्रज्ञा केंद्रों द्वारा जाति, आवासीय, आय सहित अन्य प्रमाण पत्रों के आवेदनों को बिना वैध कारण के रिजेक्ट करने या विलंब करने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। डीसी ने संबंधित पदाधिकारियों को नए प्रज्ञा केंद्रों के आवेदनों पर भी शीघ्र कार्यवाही करने को कहा। डीसी ने कहा कि प्रज्ञा केंद्र डिजिटल भारत की रीढ़ हैं और इन्हें आधुनिक बनाकर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की जनता को सरकारी सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सुविधाओं तक आसान पहुंच दी जा सकती है।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मोबाइल ऐप इंटीग्रेशन और क्लाउड-बेस्ड सिस्टम जैसी नई तकनीकों को अपनाने पर बल दिया। डीसी ने केंद्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल पेमेंट गेटवे और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही वीएलई को अपने केंद्रों को 5जी रेडी बनाने के लिए आवश्यक उपकरण अपडेट करने को कहा गया। जनता को मिलेगा सीधा लाभ बताया गया कि प्रज्ञा केंद्रों से आधार अपडेट, पैन कार्ड, बिल भुगतान, ऑनलाइन आवेदन तथा राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। इससे विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का समय और धन बचेगा। डीसी ने कहा, कोई भी प्रज्ञा केंद्र किसी गतिविधि में शामिल पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। प्रखंडवार और वार्डवार व्हाट्सएप ग्रुप उपायुक्त ने बताया कि प्रखंड और शहरी वार्ड स्तर पर अबुआ व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें प्रशासनिक कर्मी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार और आम नागरिक जुड़े हैं। शिकायत मिलने पर संबंधित पदाधिकारी को कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। पारदर्शिता में प्रज्ञा केंद्रों की अहम भूमिका उपायुक्त ने वीएलई को निर्देश दिया कि कोई भी गलत या फर्जी दस्तावेज अपलोड न किया जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने में प्रज्ञा केंद्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही सभी केंद्रों को सरकारी योजनाओं और अबुआ साथी की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

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