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17 फरवरी, 2020|8:16|IST

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झारखंड को डंपिंग यार्ड न बनाए रेलवे

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि रेलवे झारखंड को डंपिंग यार्ड ना बनाए। देश में झारखंड एक ऐसा राज्य है जो रेलवे को सबसे अधिक लाभ देता है, लेकिन यहां को लोगों को उस हिसाब से जरूरी सेवाएं नहीं मिलती। यहां सुविधा के अनुरूप ट्रेनों का अभाव है। जो ट्रेन हैं उनमें अधिकांश की गुणवत्ता में खराब है। ट्रेन में जो एसी हैं, उनकी क्वालिटी भी अच्छी नहीं होती है। मुख्यमंत्री ने दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार मोहंती के साथ शुक्रवार हुई बैठक में अपनी नाराजगी जताते हुए उक्त बातें कहीं।

समेकित प्रस्ताव भेजें : मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे झारखंड में जहां भी काम कर रहा है उसकी समेकित योजना बनाकर राज्य सरकार को भी सौंपे। विशेषकर रेलवे के कार्यों के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर समेकित योजना पर जोर देते हुए सीएम ने कहा कि रेलवे की योजनाओं से वन्यजीवों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इनके लिए अंडरपास या अन्य सुविधाजनक इंतजाम किए जाने चाहिए। उन्होंने जैव विविधता को भी नुकसान नहीं पहुंचाने का निर्देश दिया।

दुमका-रांची और वनांचल एक्सप्रेस में एसी फर्स्ट और एसी टू के कोच भी लगें : मुख्यमंत्री ने कहा कि दुमका रांची ट्रेन और वनांचल एक्सप्रेस में एसी फर्स्ट और एसी टू के कम्पोजिट कोच लगाए जाएं। रखंड के सभी ट्रेनों में इस प्रकार की सुविधा दी जाए जिससे हर श्रेणियों के यात्रियों को यात्रा के दौरान तकलीफ न हो।

रेल लाइन और ओवल ब्रिज की गुणवत्ता सुधरे : मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे ओवर ब्रिज को या केवल रेलवे बनाए या राज्य सरकार। ऐसा देखा जाता है कि रेलवे लाइन के ऊपर का पुल रेलवे बनाता है और एप्रोच रोड राज्य सरकार। इससे पुल और एप्रोच रोड का एलाइनमेंट भी सही नहीं हो पाता और जनता परेशान होती है।

रेलवे के मामलों पर मुख्य सचिव ने दी जानकारी : बैठक में रेलवे ने अपनी परियोजनाओं के संबंध में विभिन्न मामले रखे जिस पर मुख्य सचिव ने सभी मामलों में राज्य सरकार द्वारा ससमय की जा रही कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गयी।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, भू राजस्व सचिव केके सोन, पीसीसीएफ शशि नंदकुलियार, परिवहन सचिव के रवि कुमार आदि मौजूद थे

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  • Web Title:Railways should not make Jharkhand a dumping yard