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व्यक्तिगत नहीं, देश और समाज का विकास करने वाला हो जनप्रतिनिधि

लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में पहले चरण (देश में चौथे) का चुनाव हो चुका है, लेकिन शेष तीन चरणों का मतदान अभी बाकी...

व्यक्तिगत नहीं, देश और समाज का विकास करने वाला हो जनप्रतिनिधि
हिन्दुस्तान टीम,रांचीTue, 14 May 2024 06:00 PM
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रांची, प्रमुख संवाददाता। लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में पहले चरण (देश में चौथे) का चुनाव हो चुका है, लेकिन शेष तीन चरणों का मतदान अभी बाकी है। युवा मतदाता उत्साहित हैं कि वे देश के सबसे बड़े चुनाव में निर्णायक की भूमिका निभाने में बड़े रोल अदा करेंगे। हालांकि इसके जरिये वे अपने मुद्दों को भी गंभीरतापूर्वक उठा रहे हैं। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने मंगलवार को 'युवा संसद' के तहत गोस्सनर कॉलेज के युवा मतदाताओं के बीच जाकर उनके उन मुद्दों को जानने का प्रयास किया, जिनके आधार पर वे अपने जनप्रतिनिधि को चुनने वाले हैं।
उत्साहित युवा मतदाताओं ने बताया कि वे अपने वोट का उपयोग सोच-विचार करके करेंगे। जो प्रत्याशी उन्हें लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के साथ देशहित में योग्य लगेगा, उसी को अपना वोट देंगे। हमारा जन प्रतिनिधि व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समाज और देश का विकास करने वाला हो और इसके लिए लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा ही सर्वोपरि हो।

युवाओं ने कहा कि वोट हमारा संवैधानिक अधिकार है, जिसका इस्तेमाल हमें पूरी जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम वोट नहीं करते हैं, तो हमें किसी भी नेता या राजनीतिक पार्टी पर दोषारोपण करने का अधिकार नहीं है। मौके पर मौजूद रांची विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार, गोस्सनर की प्राचार्या डॉ इलानी पूर्ति, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ सुब्रतो सिन्हा, डॉ प्रशांत गौरव, डॉ निधि सिंह और प्रो अनीता अंजू खेस ने प्राध्यापकों ने भी विद्यार्थियों को वोट का सही इस्तेमाल करने और मतदान में शत-प्रतिशत योगदान सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

आम इंसान का जीवनस्तर ऊंचा उठे

युवा संसद में वैसे विद्यार्थी भी शामिल हुए, जो पहली बार मताधिकार का उपयोग करेंगे। उन्होंने बुनियादी मुद्दों सड़क, बिजली, पानी, महंगाई को उठाया। कहा कि जो भी सरकार बने उसकी सोच और लक्ष्य आम आदमी का भला करने वाली होनी चाहिए। जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो आम इंसान का जीवनस्तर ऊंचा उठाया। फिर चाहे पानी-बिजली की समस्या हो या सड़क की, हम हमारे मुद्दों के लिए संसद में आवाज उठाने, काम करने व मुसीबत में हमारे साथ खड़ा रहे। युवाओं का कहना था कि अमूमन नेता यही करते हैं कि चुनाव के नतीजे आते ही जनता के बीच से गायब हो जाते हैं। ऐसे में मतदाताओं को वैसे नेताओं को की पहचान कर उन्हें दुबारा मौका नहीं देना चाहिए।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में सुधार की जरूरत

युवाओं ने स्कूल-कॉलेजों में खराब आधारभूत संरचना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कमी के मुद्दे को उठाया। कहा कि रांची में मौजूद शिक्षण संस्थानों की स्थिति तो कुछ बेहतर है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों का बुरा हाल है। रांची के ही आसपास के क्षेत्रों के स्कूल-कॉलेजों में आधारभूत संरचना और पढ़ाई की लचर व्यवस्था देखी जा सकती है। सभी विषयों के शिक्षक तक नहीं हैं तो अच्छी पढ़ाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है। युवाओं ने कहा कि हमें ऐसा जनप्रतिनिधि चाहिए जो क्षेत्र के विकास की सोच रखता हो। वह सिर्फ वादे ही न करे, बल्कि उन्हें पूरा करने भी दिखाए।

सामाजिक कुरीतियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग

विद्यार्थियों ने झारखंड में प्रचलित सामाजिक कुरीतियों डायन हत्या, बालविवाह का मुद्दा उठाया। ऐसी कुरीतियों से सख्ती से निपटने पर जोर दिया। मानव तस्करी के खिलाफ सख्त कानून की मांग की। कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में जहां संविधान-कानून का राज है, वहां कैसे किसी महिला को डायन बताकर उसकी हत्या कर दी जाती है। ऐसी कुप्रथाओं से देश-दुनिया में राज्य की छवि खराब होती है। ऐसे मामलों में कठोर सजा का प्रावधान होना चाहिए। बाल विवाह का मुद्दा भी उठाया और कहा जिस भी पार्टी के चुनावी एजेंडे में इन मुद्दों से निपटने की बात होगी, वोट उन्हें ही मिलेगा।

रोजगार के नए क्षेत्रों के सृजन पर दिया जाए जोर

युवाओं ने अपने करियर को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि अगर पढ़-लिखकर भी हमें बेरोजगार ही रहना है तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जिसकी भी सरकार बने वह रोजगार के नए क्षेत्रों के सृजन पर ध्यान दे। कहा कि शिक्षित बेरोजगारी से बड़ा अभिशाप कुछ हो ही नहीं सकता। उन्होंने निजी क्षेत्रों में भी रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया कराने पर जोर दिया। कहा कि हमारा जनप्रतिनिधि हमारे राज्य में रोजगार के नए अवसर लेकर आए। बड़ी कंपनियां झारखंड में आएंगी तो यहां के युवाओं के लिए करियर के विकल्प खुलेंगे।

युवाओं के पांच मुद्दे

शिक्षा सस्ती और गुणवत्तापूर्ण हो

रोजगार नए अवसर सृजित हों

परिवहन व्यवस्था दुरुस्त की जाए

जनता के बीच रहें जनप्रतिनिधि

कुरीतियां खत्म करने को कानून बने

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