रिम्स-2 के निर्माण के विरोध में निकाला पैदल मार्च, सीएम आवास का घेराव करने निकले थे बीच में रोका
रांची में प्रस्तावित रिम्स 2 परियोजना के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है। आदिवासी संगठनों और किसानों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया। प्रशासन ने उन्हें रोका, लेकिन प्रदर्शनकारी मोरहाबादी पहुंच गए। उनकी मांगें भविष्य की खेती और आजीविका की सुरक्षा से जुड़ी हैं।

रांची, संवाददाता। प्रस्तावित रिम्स 2 परियोजना को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को आदिवासी संगठनों और नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और आदिवासी समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास घेराव करने के लिए पैदल मार्च कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कांके ब्लॉक चौक के अलावा कई हिस्सों में रोकने का प्रयास किया गया।
प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते हैं
इसके बावजूद प्रदर्शनकारी खेतों और नदी मार्ग से होते हुए मोरहाबादी पहुंच गए, जहां ऑक्सीजन पार्क के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार विकास के नाम पर उनकी उपजाऊ कृषि भूमि और आजीविका छीनने की तैयारी कर रही है। उनका कहना है कि प्रस्तावित रिम्स 2 क्षेत्र की सैकड़ों परिवारों की खेती पर निर्भरता है, ऐसे में भूमि अधिग्रहण उनके भविष्य पर सीधा असर डालेगा।
मुख्यमंत्री से संवाद की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार मुख्यमंत्री से वार्ता की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सीधी बातचीत नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री और उपायुक्त स्तर पर कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद की मांग की है और विस्थापित परिवारों के लिए सरकारी नौकरी व स्वरोजगार की व्यवस्था की मांग रखी है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल होती है तो वे रिम्स-2 निर्माण में सहयोग के लिए भी तैयार हैं。
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