क्लस्टरिंग के विरोध में डोरंडा कॉलेज में आक्रोश सभा

Newswrap हिन्दुस्तान, रांची
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रांची में डोरंडा कॉलेज में शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों और छात्रों ने विश्वविद्यालयों में पुनर्गठन व क्लस्टरिंग व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश सभा की। डॉ कंजीव लोचन ने कहा कि कला और मानविकी के छात्रों के हितों का ध्यान नहीं रखा गया है। उन्होंने संकल्प संख्या 902 को वापस लेने की मांग की और आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक का निर्णय लिया।

क्लस्टरिंग के विरोध में डोरंडा कॉलेज में आक्रोश सभा

रांची, विशेष संवाददाता। राज्य सरकार की ओर से विश्वविद्यालयों में पुनर्गठन व क्लस्टरिंग व्यवस्था के संकल्प के विरोध में बुधवार को डोरंडा कॉलेज में शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों व छात्र प्रतिनिधियों ने आक्रोश सभा की। इसमें झारखंड यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (जुटान) के संयोजक डॉ कंजीव लोचन ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार कला और मानविकी के 81% छात्रों के हितों का इस नीति में पूरा ध्यान नहीं रखा गया है। पर्याप्त संख्या में शिक्षकों व कर्मियों की बहाली किए बिना इस प्रकार के तुगलकी संकल्प का जोरदार विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसी कॉलेज को विज्ञान या वाणिज्य का विशिष्ट केंद्र बनाना चाहती है तो उसका स्वागत है, लेकिन अन्य संकायों के छात्रों के हितों की अनदेखी कर ऐसा करना उचित नहीं होगा।

डॉ लोचन ने संकल्प संख्या 902 को तत्काल वापस लेने और भविष्य में राज्य की उच्च शिक्षा से संबंधित कोई भी रोडमैप तैयार करने से पहले छात्र संगठनों और शिक्षक प्रतिनिधियों से राय लेने की मांग की।सभा में अमित प्रणय डेमटा, स्नेहा शाह, फरजान, राहुल कुमार, अजय कुमार, इलियास अंसारी और हजीरा खान सहित काफी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेतरकर्मी व विद्यार्थी मौजूद थे। सभा में आगे की रणनीति तय करने के लिए 18 मई को कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक करने का निर्णय लिया गया।

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